CG परंपरा और संस्कृति का संगम:नवाखाई ठाकुर जोहरनी महापर्व में दिखी परंपरा और संस्कृति की झलक…

धमतरी नगरी। गोंड़वाना समाज सेवा समिति तहसील नगरी (सिहावा) के तत्वावधान में तहसील स्तरीय नवाखाई ठाकुर जोहरनी महापर्व 2026 का आयोजन बुधवार को गोंड़वाना समाज भवन नगरी में पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साह के साथ किया गया। आयोजन में समाज के विभिन्न उपक्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों, महिला एवं युवा प्रभाग के पदाधिकारियों ने सहभागिता निभाई। महापर्व के दौरान सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पारंपरिक रीति-रिवाजों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गोंड़वाना समाज सेवा समिति तहसील नगरी के अध्यक्ष टिकेश्वर ध्रुव अति विशिष्ट अतिथि के रूप में सिहावा विधायक अंबिका मरकाम विशेष अतिथियों में जिला पंचायत धमतरी के अध्यक्ष अरूण ,सर्वा जनपद पंचायत नगरी अध्यक्ष महेश गोटा, जिला पंचायत सदस्य गरिमा नेताम, पूर्व विधायक श्रवण मरकाम, पूर्व विधायक लक्ष्मी ध्रुव, पार्षद वार्ड क्रमांक 1 राजा पवार, चुरियारापारा नगरी के गायता एवं शीतला पुजारी परसराम नेताम, ठाकुर देव समिति सिहावा परगना अध्यक्ष रामसिंह सामरथ, भंगाराव माई देव समिति कुर्सीघाट के पुजारी प्रफुल्लचंद सामरथ गोंड़वाना समाज सेवा समिति तहसील नगरी के संरक्षक रामप्रसाद मरकाम, विश्वनाथ मरकाम, पीलाराम नेताम, शकुंतला ठाकुर एवं बिन्दा नेताम, सर्व आदिवासी समाज तहसील नगरी के अध्यक्ष उमेश देव, जिला उपाध्यक्ष साधुराम नेताम, अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक संघ के अध्यक्ष सुरेश ध्रुव, कर्मचारी प्रकोष्ठ गोंड़वाना समाज अध्यक्ष मोहन कुरूं, महिला प्रभाग अध्यक्ष शत्रुपा तमोवंशी तथा युवा प्रभाग अध्यक्ष वेद प्रकाश मण्डावी सहित पदाधिकारी मौजूद रहे।

टिकेश्वर ध्रुव सभा को संबोधित करते हुए गोंड़वाना समाज सेवा समिति तहसील नगरी के अध्यक्ष टिकेश्वर ध्रुव ने कहा कि समाज की रीति-रिवाज, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सहेजकर रखना सभी की जिम्मेदारी है। युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कार और परंपराओं की जानकारी देकर उनसे जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित होकर शिक्षा, संस्कार और सामाजिक विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।
जनपद पंचायत नगरी के अध्यक्ष महेश गोटा ने कहा कि समाज के विकास और संगठन को मजबूत बनाने में प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रकृति, घर के देवी-देवताओं और ग्राम देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना गोंड़वाना समाज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। इन परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के साथ समाज में आपसी भाईचारा और एकजुटता बनाए रखना आवश्यक है।

सभा में पूर्व विधायक लक्ष्मी ध्रुव, पूर्व विधायक श्रवण मरकाम और समाज के संरक्षक रामप्रसाद मरकाम सहित अन्य समाज प्रमुखों एवं वक्ताओं ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने समाज को शिक्षा, सामाजिक एकता, संस्कृति संरक्षण और संगठनात्मक मजबूती के माध्यम से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के विकास के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है तथा सभी को मिलकर सामाजिक कुरीतियों को दूर करते हुए समाज को नई दिशा देने के लिए प्रयास करना चाहिए
समाज के विभिन्न उपक्षेत्रों के अध्यक्षों में सुखराम मरकाम (नगरी), मयाराम नागवंशी (दुगली), सोनाराम नेताम (गट्टासिल्ली), राम नेताम (कासरवाही), शोभाराम नेताम (बिरनासिल्ली), देवनाथ नेताम (चारगांव), संतोष नेताम (टांगापानी), राजू कावड़े (राजपुर), बुधराम साक्षी (कसपुर), दुलारू राम मरकाम (रिसगांव), राजेश सामरथ (बोराई), दलगंजन मरकाम (बेलरगांव) सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर समिति के उपाध्यक्ष पीलाराम कोर्राम, भगवान सिंह नेताम, जितेन्द्र वीर कुंजाम एवं जोहरलाल चंद्रवशी, कोषाध्यक्ष रतिराम नेताम, सलाह, सदस्य राम सिंह मरकाम, मीडिया प्रभारी डोमार सिंह ध्रुव सदस्य प्रमोद कुंजाम पूर्व समाज प्रमुख भंवर सिंह कोर्राम, क्षेत्रीय संरक्षक श्याम लाल सामरथ, नथेला राम नेताम, रूपसिंह ध्रुव, घसिया राम वट्टी एवं बिछल सिंह मरकाम सहित महिला प्रभाग की प्रेमलता ध्रुव, फुलेश्वरी नेताम, राधिका साक्षी, रामकुंवर मण्डावी, बिमला मरकाम, भुनेश्वरी नेताम, तामेश्वरी मरकाम, जलबती नागेश एवं गणेशिया मरकाम सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
महापर्व में तहसील सदस्यगण, जनपद सदस्य, सरपंचगण, युवा प्रभाग, महिला प्रभाग तथा नगर पंचायत उपक्षेत्र नगरी के समाजजनों ने बड़ी संख्या में सहभागिता निभाई। आयोजन ने सामाजिक एकता, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश दिया




