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आरमुड़ा में जनसहयोग की मिसाल, ग्रामीणों ने अपने खर्च से कराया रंगमंच के सामने सीमेंट कांक्रीटीकरण, श्रमदान से बदली तस्वीर

गट्टासिल्ली। धमतरी जिले के ग्राम पंचायत करैहा के आश्रित ग्राम आरमुड़ा में ग्रामीणों ने एकजुटता और जनसहयोग की अनूठी मिसाल पेश की है। गांव के रंगमंच के सामने बारिश के दिनों में कीचड़ जमा होने से ग्रामीणों को आवागमन और सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन में परेशानी होती थी। इस समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने शासन की सहायता का इंतजार करने के बजाय खुद पहल की और आपसी सहयोग से सीमेंट कांक्रीटीकरण का कार्य पूरा किया।

हर घर से जुटाया चंदा, खरीदी निर्माण सामग्री…

ग्रामीणों के अनुसार, रंगमंच के सामने बारिश के कारण कीचड़ जमा हो जाता था, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती थी। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ग्रामीणों ने आपसी बैठक कर जनसहयोग से निर्माण कार्य कराने का निर्णय लिया।

इसके बाद प्रत्येक घर से स्वेच्छा से चंदा एकत्र किया गया। जुटाई गई राशि से लगभग 100 बोरी सीमेंट के साथ गिट्टी, रेत और अन्य आवश्यक निर्माण सामग्री की व्यवस्था की गई। 18 अक्टूबर 2026 को खराब मौसम और रुक-रुककर हो रही हल्की बारिश के बीच भी ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी और सामूहिक प्रयासों से कांक्रीटीकरण का कार्य पूरा किया।

महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने किया श्रमदान…

इस निर्माण कार्य में गांव की महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ग्रामीणों ने आर्थिक सहयोग देने के साथ ही श्रमदान कर निर्माण कार्य को सफल बनाया। सामूहिक प्रयासों से रंगमंच के सामने की जगह को उपयोगी बनाया गया, जिससे ग्रामीणों को सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रमों के आयोजन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

पंचायत स्तर पर पहल नहीं हुई तो ग्रामीणों ने खुद उठाई जिम्मेदारी…

बाल मंडली अध्यक्ष श्री मन्नूराम मंडावी ने बताया कि रंगमंच के सामने कीचड़ जमा होने की समस्या से ग्रामीण लंबे समय से परेशान थे। इस समस्या के समाधान के लिए जब पंचायत स्तर पर अपेक्षित पहल नहीं हो पाई, तब ग्रामीणों ने बैठक कर स्वयं निर्माण कार्य कराने का निर्णय लिया।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक घर से जनसहयोग के रूप में राशि एकत्र की गई और उससे सीमेंट, गिट्टी तथा रेत खरीदी गई। इसके बाद गांव के लोगों ने मिलकर श्रमदान किया और कार्य को पूरा किया। ग्रामीणों की एकजुटता और सामूहिक प्रयासों से यह पहल सफल हो सकी।

दूसरे गांवों के लिए भी प्रेरणादायी पहल…

ग्राम आरमुड़ा के ग्रामीणों की यह पहल बताती है कि आपसी सहयोग, सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी से गांव की बुनियादी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीणों ने अपने सामुदायिक स्थल को बेहतर बनाने के लिए जो प्रयास किया है, वह दूसरे गांवों के लिए भी प्रेरणादायी है।

गांव के विकास में केवल संसाधन ही नहीं, बल्कि लोगों की इच्छाशक्ति, एकता और सहभागिता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आरमुड़ा के ग्रामीणों ने अपने इस प्रयास से इसी भावना को मजबूत किया है।

इन ग्रामीणों ने दिया सहयोग…

इस कार्य में कांता कुंजाम, गोकुल मरकाम, राधेलाल मंडावी, मंत्री कोर्राम, मनीष नेताम, संजय निषाद, लक्की मरकाम, सहदेव राम मरकाम, घनेन्द्र यादव, कमलेश नेताम, सुनोतिन बाई मंडावी, बल्दू राम मंडावी, तुलाराम मंडावी, शिवलाल मरकाम, गैंद राम नागेश, धनराज यादव, अश्वन मंडावी, श्यामाचरण मंडावी, शशि यादव, गनेशिया नेताम, हेमीन बाई नेताम, कुलेश्वरी रजक, रमेश नेताम, टिकेश्वरी नेताम, दुर्गेश मंडावी, आत्मा यादव, संतुराम नेताम, जोहर सिंह, पुनीत कुमार, ईश्वर लाल, परमानंद मरकाम, ऊषा मरकाम, उत्तम मरकाम, सत्य बाई मंडावी, राजूराम नेताम, ईश्वर लाल मंडावी और देवंतिन बाई नेताम सहित अन्य ग्रामीणों ने सहयोग प्रदान किया।

ग्राम आरमुड़ा की यह पहल साबित करती है कि जब ग्रामीण एकजुट होकर किसी समस्या के समाधान का संकल्प लेते हैं, तो सामूहिक प्रयासों से बदलाव की मजबूत नींव रखी जा सकती है।

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