रंग दे बसंती से शिव नगरी तक… धमतरी में 8 दिनों तक सजेगा नवरंग गरबा…

धमतरी। नवरात्रि के पावन पर्व पर धमतरी एक बार फिर गरबा के रंग में रंगने जा रहा है। शहर में ‘नवरंग गरबा 2026’ का भव्य आयोजन 11 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक किया जाएगा। शांति वाटिका, सिहावा रोड में होने वाले इस आठ दिवसीय आयोजन में हर दिन एक अलग थीम के साथ गरबा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी।
आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 8 बजे से शुरू होगा। इस बार देशभक्ति, श्रीराम भक्ति, छत्तीसगढ़ी संस्कृति, 80 के दशक की यादें, गुजराती परंपरा, ब्रज की होली और शिव भक्ति जैसे अलग-अलग रंगों को गरबा के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
2021 में हुई थी शुरुआत…
‘नवरंग गरबा’ की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी। कोरोना काल के बाद लोगों को एकजुट करने और लंबे समय से घरों में सीमित रहे लोगों के बीच उत्सव एवं सकारात्मक माहौल बनाने के उद्देश्य से इसकी शुरुआत की गई थी।
आयोजकों का कहना है कि मां दुर्गा की आराधना के साथ लोगों को एक मंच पर जोड़ने की सोच के साथ शुरू हुआ यह आयोजन लगातार लोगों का प्यार और विश्वास हासिल करता गया। इस वर्ष आयोजन अपने छठे वर्ष में प्रवेश कर रहा है।

हर दिन बदलेगा गरबा का रंग
नवरंग गरबा 2026 की सबसे खास बात इसकी अलग-अलग थीम हैं। आठ दिनों तक प्रतिभागी निर्धारित थीम के अनुरूप पारंपरिक और आकर्षक परिधानों में शामिल होंगे।
11 अक्टूबर – ‘रंग दे बसंती’
आयोजन की शुरुआत देशभक्ति की थीम के साथ होगी। सफेद रंग की ड्रेस थीम के जरिए देश के प्रति प्रेम और उत्साह का संदेश दिया जाएगा।
12 अक्टूबर – ‘हृदय में जिनके सियाराम’
दूसरा दिन भगवान श्रीराम की भक्ति और भारतीय संस्कृति को समर्पित रहेगा। इस दिन ऑरेंज ड्रेस कोड रखा गया है।
13 अक्टूबर – ‘हमर माटी के महक’
इस दिन छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपरा और पारंपरिक पहनावे की झलक गरबा के मंच पर देखने को मिलेगी। थीम के जरिए नई पीढ़ी को अपनी मिट्टी और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
14 अक्टूबर – ‘Back to the 80s’
80 के दशक के फैशन, अंदाज और यादों को गरबा के मंच पर दोबारा जीवंत किया जाएगा। यह थीम आयोजन में रेट्रो अंदाज और खास मनोरंजन का तड़का लगाएगी।
15 अक्टूबर – ‘गुजरात की शान, गुजराती परिधान’
पारंपरिक गुजराती परिधानों और संस्कृति के रंग में गरबा का आयोजन होगा। इस दौरान गुजरात की सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी।
16 अक्टूबर – ‘ब्रज की होली’
ब्रज की होली के रंग, उमंग और परंपराओं को गरबा उत्सव के साथ जोड़ा जाएगा। इस थीम के जरिए ब्रज संस्कृति का रंगीन अंदाज मंच पर नजर आएगा।
17 अक्टूबर – ‘शिव नगरी’
सातवां दिन भगवान शिव को समर्पित रहेगा। शिव भक्ति, आध्यात्मिक ऊर्जा और भारतीय संस्कृति से जुड़ी प्रस्तुतियां इस दिन का प्रमुख आकर्षण रहेंगी।
18 अक्टूबर – गुजराती संस्कृति के साथ होगा समापन
आठ दिवसीय आयोजन का समापन एक बार फिर गुजराती संस्कृति और पारंपरिक परिधानों के साथ होगा। अंतिम दिन गरबा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को विशेष रूप से आकर्षक बनाने की तैयारी है।
गरबा के साथ संस्कृति और परंपरा से जुड़ने का संदेश
आयोजन समिति के अनुसार ‘नवरंग गरबा’ सिर्फ गरबा नृत्य का आयोजन नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों को एक मंच पर लाना और भारतीय संस्कृति, परंपरा तथा विविधता से जोड़ना भी है। अलग-अलग थीम के माध्यम से देशभक्ति, भक्ति, छत्तीसगढ़ की माटी, गुजरात की संस्कृति और भारतीय परंपराओं को उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
आयोजकों ने धमतरी शहरवासियों से बड़ी संख्या में शामिल होकर इस आठ दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बनने की अपील की है।

