धमतरी

अध्ययन से आत्मनिर्भरता तक: धमतरी में विकसित हो रहा ज्ञान अधोसंरचना तंत्र,लाइब्रेरी और कोवर्किंग स्पेस से सशक्त होगा धमतरी का युवा वर्ग… 

धमतरी जिले में शिक्षा, नवाचार और युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक व्यापक और दूरदर्शी पहल की जा रही है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में जिले में ज्ञान आधारित अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक लाइब्रेरी और कोवर्किंग स्पेस विकसित किए जा रहे हैं। यह पहल न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी, बल्कि जिले में नवाचार और आत्मनिर्भरता की नई संस्कृति को भी बढ़ावा देगी।

धमतरी शहर के नालंदा परिसर में लगभग 500 सीटर अत्याधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण किया जाएगा, जो जिले का सबसे बड़ा अध्ययन केंद्र होगा। इस भव्य लाइब्रेरी में डिजिटल रीडिंग ज़ोन, ई-लाइब्रेरी, हाई-स्पीड इंटरनेट, समाचार-पत्र एवं संदर्भ पुस्तकों की समृद्ध उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी । साथ ही प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए पृथक अध्ययन कक्ष, समूह चर्चा कक्ष, शांत अध्ययन क्षेत्र एवं पर्याप्त प्रकाश और वेंटिलेशन की व्यवस्था होगी । यह परिसर विद्यार्थियों के लिए केवल पुस्तकालय नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायी ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा है। जिसकी स्वीकृति मिल गयी है ।

जिले के अन्य नगरीय निकायों – कुरूद, मगरलोड, आमदी, भाखरा एवं नगरी – में भी लाइब्रेरी निर्माण कार्य प्रगति पर है। विकासखंड नगरी में लगभग 10 लाख रुपये की लागत से लाइब्रेरी का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जहां युवा नियमित रूप से अध्ययन कर रहे हैं। कुरूद में 20 लाख रुपये की लागत से 50 सीटर लाइब्रेरी पुराने भवन के जीर्णोद्धार के माध्यम से विकसित की जा रही है, जिसमें वाई-फाई, कंप्यूटर, ई-लाइब्रेरी, शौचालय, पेयजल एवं सुव्यवस्थित बैठक व्यवस्था जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह कार्य शीघ्र पूर्ण होने की संभावना है।

मगरलोड में 120 सीटर लाइब्रेरी तैयार हो चुकी है, जहां वर्तमान में लगभग 35 विद्यार्थी नियमित अध्ययन कर रहे हैं। वहीं आमदी (10 लाख रुपये) एवं भाखरा (9 लाख रुपये) में लाइब्रेरी निर्माण हेतु प्रस्ताव स्वीकृति के लिए प्रेषित किए गए हैं। स्वीकृति प्राप्त होते ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सुविधा उपलब्ध हो सके।

इसी क्रम में नगरी नगर पंचायत क्षेत्र में आधुनिक कोवर्किंग स्पेस भी स्थापित किया गया है। यह सुविधा युवाओं, स्टार्टअप्स, फ्रीलांसर्स एवं नवाचार से जुड़े उद्यमियों के लिए एक साझा कार्यस्थल के रूप में विकसित की गई है। यहां वाई-फाई, मीटिंग रूम, प्रोजेक्टर, आरामदायक डेस्क एवं पेशेवर वातावरण उपलब्ध है, जिससे युवाओं को बड़े शहरों की ओर पलायन किए बिना अपने ही जिले में रोजगार एवं उद्यम के अवसर मिल सकें।

जिला प्रशासन की यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप आजीवन सीखने की संस्कृति को प्रोत्साहित करेगी। धमतरी अब शिक्षा, कौशल और नवाचार के क्षेत्र में एक नई पहचान गढ़ रहा है, जहां पुस्तकालय केवल अध्ययन स्थल नहीं, बल्कि संवाद, सृजन और संभावनाओं के जीवंत केंद्र बनकर उभर रहे हैं।

कलेक्टर. श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि “जिला प्रशासन का प्रयास है कि धमतरी के युवाओं को बेहतर एवं प्रतिस्पर्धी वातावरण उनके अपने जिले में ही उपलब्ध कराया जाए। लाइब्रेरी और कोवर्किंग स्पेस केवल भवन नहीं हैं, बल्कि यह ज्ञान, नवाचार और आत्मनिर्भरता के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी वही सुविधाएं मिलें, जो बड़े शहरों में उपलब्ध होती हैं।

नालंदा परिसर में विकसित होने वाली 500 सीटर आधुनिक लाइब्रेरी जिले के विद्यार्थियों के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी। यहां डिजिटल संसाधन, ई-लाइब्रेरी, समूह चर्चा कक्ष और शांत अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को समुचित सुविधा मिल सके।

इसी प्रकार नगरी में स्थापित कोवर्किंग स्पेस युवाओं को स्थानीय स्तर पर स्टार्टअप और स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करेगा। हमारा प्रयास है कि धमतरी शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में एक मॉडल जिला बने। आने वाले समय में इन सुविधाओं के माध्यम से जिले में रोजगार सृजन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी मजबूती मिलेगी।”

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