ओडिशा से MP तक गांजे का नेटवर्क बेनकाब, 11 किलो गांजा तस्करी मामले में फरार मुख्य सप्लायर गिरफ्तार, धमतरी पुलिस का बड़ा एक्शन..!

छत्तीसगढ़ धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ओडिशा से मध्यप्रदेश गांजा सप्लाई करने वाले नेटवर्क के मुख्य सप्लायर कमलेश सरदार को बोराई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
बस में पकड़े गए थे मध्यप्रदेश के दो तस्कर…
मामला 15 सितंबर 2026 का है, जब बोराई पुलिस बैरियर नाके पर संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान उमरकोट से धमतरी की ओर आ रही भवानी ट्रेवल्स की बस क्रमांक CG 04 EA 2476 को रोककर तलाशी ली गई। बस में सवार मध्यप्रदेश के दो संदिग्ध यात्रियों निखिल वर्मा (26 वर्ष) और मोहित गोदारा (28 वर्ष) के बैग की जांच करने पर खाकी टेप से लिपटे बंडलों में 11 किलो 33 ग्राम गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 2 लाख 20 हजार रुपये बताई गई थी।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और 2,350 रुपये नगद भी जब्त किए थे। गांजा, मोबाइल और नगदी समेत कुल 2 लाख 32 हजार 350 रुपये की संपत्ति जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
पूछताछ में सामने आया मुख्य सप्लायर का नाम…
विवेचना के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि गांजा ओडिशा के उमरकोट निवासी कमलेश सरदार से खरीदा गया था। इसके बाद से ही पुलिस मुख्य सप्लायर की तलाश में जुटी थी।
मुखबिर से मिली सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बोराई पुलिस ने घेराबंदी कर कमलेश सरदार (46 वर्ष), पिता कार्तिक सरदार, निवासी उमरकोट, जिला नवरंगपुर, ओडिशा को गिरफ्तार कर लिया।
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई, आरोपी जेल भेजा गया…
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में थाना बोराई में अपराध क्रमांक 16/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) में अपराध दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के परिजनों को नियमानुसार सूचना दी गई और उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
धमतरी पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का लक्ष्य केवल नशे की खेप पकड़ना ही नहीं, बल्कि इसके स्रोत और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचकर पूरे तस्करी तंत्र पर शिकंजा कसना है।
