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CG – सांदीपनी एकेडमी में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ भारतीय ज्ञान परंपरा पर हुआ मंथन इन अतिथियों नें आयोजन कों बनाया स्पेशल पढ़े पूरी ख़बर

On: January 17, 2026 7:55 AM
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मस्तूरी//पेंड्री स्थित सांदीपनी एकेडमी के प्रांगण में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2026 का प्रथम दिवस सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह सम्मेलन सांदीपनी एकेडमी एवं शासकीय पातालेश्वर महाविद्यालय, मस्तूरी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
प्रथम दिवस के कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके पश्चात सरस्वती वंदना एवं छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत ने सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। 16 जनवरी 2026 को आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के प्रथम दिवस पर विशेष अतिथि के रूप में प्रो. वी. के. सारस्वत, कुलपति, पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय, बिरकोना उपस्थित रहे। की-नोट स्पीकर के रूप में दिल्ली सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रो. रमेश प्रसाद पाठक तथा द्वितीय की-नोट स्पीकर के रूप में सेंट्रल यूनिवर्सिटी हरियाणा के डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अनिर्बन चौधरी, कल्याण स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग ने की।

स्वागत भाषण सांदीपनी एकेडमी की प्राचार्य डॉ. रीता सिंह द्वारा दिया गया। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर किया गया। आशीर्वचन सत्र में विशेष अतिथि प्रो. वी. के. सारस्वत ने सांदीपनी एकेडमी एवं शासकीय पातालेश्वर महाविद्यालय के संयुक्त प्रयास की सराहना करते हुए जीवन के चार ऐसे सूत्र बताए, जो आत्मविश्वास को सुदृढ़ बनाते हैं।

प्रथम वक्ता के रूप में प्रो. रमेश प्रसाद पाठक ने “भारतीय ज्ञान परंपरा एवं विकसित भारत की संकल्पना” विषय पर अपना प्रेरणादायी वक्तव्य दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा आज वैश्विक मंच पर भारत की पहचान को और मजबूत कर रही है। इसके उपरांत प्रथम तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें मंच से 10 प्रतिभागियों तथा ऑनलाइन माध्यम से 15 प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।

भोजन अवकाश के पश्चात द्वितीय वक्ता डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता ने “विकसित भारत की संकल्पना में भारतीय ज्ञान परंपरा के आधारभूत तत्व” विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। इसके बाद आयोजित द्वितीय तकनीकी सत्र में ऑनलाइन माध्यम से 15 शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए सत्र के अंत में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए डॉ. अनिर्बन चौधरी ने पूरे कार्यक्रम का सारगर्भित शब्दों में सार प्रस्तुत किया। धन्यवाद ज्ञापन आईक्यूएसी समन्वयक रामखिलावन साहू द्वारा किया गया। मंच संचालन कर रहीं श्रीति मजूमदार ने सम्मेलन के दूसरे दिवस की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रथम दिवस के अस्थायी समापन की घोषणा की।

इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के संरक्षक एवं महाविद्यालय के डायरेक्टर महेंद्र चौबे,सलाहकार समिति के सदस्य एवं प्रशासनिक अधिकारी विनीत चौबे, कन्वेनर डॉ. रीता सिंह एवं डॉ. दुर्गा बाजपेई सहित दोनों महाविद्यालयों के समस्त प्राध्यापकगण, शोधार्थी, शोध पत्र प्रस्तुतकर्ता एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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