महाशिवरात्रि पर भोथीडीह लावर में कीर्तन भजन के साथ शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न जनप्रतिनिधि भी हुए शामिल पढ़े पूरी ख़बर
बिलासपुर//मस्तूरी के भोथीडीह लावर में महाशिवरात्री के पावन पर्व पर राम सखा गुहा निषाद राज और वीरांगना माता बिलासा देवी स्मृति दिवस शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन रखा गया था जहाँ दिन में भगवान की पूजा अर्चना किया गया इस दौरान गाजे बाजे के साथ लोग भगवान शिव की भक्ति में झूमते दिखे वही रात में पुरे गाँव वालें रामायण कीर्तन में भी पुरे ऊर्जा के साथ नजर आए इस आयोजन कों लेकर गाँव के सरपंच मुखिया चन्दन कैवर्त नें बताया की शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर हमने कई जनप्रतिनिधियों कों आमंत्रित किया था और सभी अपना बहुमूल्य समय निकाल कर हमारे बीच पहुंचे चन्दन नें आगे बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है. मान्यता है कि इसी शुभ रात्रि में भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह हुआ था. साल भर में 12 शिवरात्रियां आती हैं, लेकिन महाशिवरात्रि को सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। सांसारिक महत्वाकांक्षाओं में मग्न लोग महाशिवरात्रि को, शिव के द्वारा अपने शत्रुओं पर विजय पाने के दिवस के रूप में मनाते हैं। परंतु, साधकों के लिए, यह वह दिन है, जिस दिन वे कैलाश पर्वत के साथ एकात्म हो गए थे। वे एक पर्वत की भाँति स्थिर व निश्चल हो गए थे। यौगिक परंपरा में, शिव को किसी देवता की तरह नहीं पूजा जाता।




