
नगरी,उमरगांव…सनातन वैदिक परंपरा में विशेष महत्व रखने वाले गुप्त नवरात्र पर्व के पावन अवसर पर अष्टभुजी शक्तिपीठ दुर्गा मंदिर, उमरगांव में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी श्री सत् चण्डी महायज्ञ एवं दस महाविद्या विशेष पूजन का भव्य एवं दिव्य आयोजन श्रद्धा, आस्था और पूर्ण वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न किया जाएगा। यह महाआयोजन 19 जनवरी से 27 जनवरी तक नौ दिवसीय गुप्त नवरात्र अवधि में निरंतर चलेगा। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियाँ पूरे उत्साह और भक्तिभाव के साथ जोरों-शोरों से की जा रही हैं।
गुप्त नवरात्र का वैदिक महत्व…
गुप्त नवरात्र को शक्ति साधना का सर्वोच्च काल माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस अवधि में की गई साधना, यज्ञ एवं मंत्रोपासना शीघ्र फलदायी होती है। यह नवरात्र विशेष रूप से वैदिक एवं महाविद्या उपासना के लिए समर्पित होता है, जिसमें साधक अंतर्मुखी होकर देवी शक्ति की आराधना करता है। गुप्त नवरात्र में की गई उपासना से साधक को आत्मिक बल, मानसिक स्थिरता, सिद्धि, रक्षा एवं अभिष्ट फल की प्राप्ति होती है।
सत् चण्डी महायज्ञ एवं दस महाविद्या पूजन का फल
वैदिक परंपरा में सत् चण्डी महायज्ञ को अत्यंत शक्तिशाली एवं सर्वबाधा नाशक अनुष्ठान माना गया है। इसके संपादन से—
नवग्रह दोष, दैहिक-दैविक-भौतिक क्लेश का शमन होता है
रोग, शत्रु बाधा, भय, मानसिक अशांति से मुक्ति मिलती है
आर्थिक संकट, ऋण बाधा एवं व्यापारिक अवरोध दूर होते हैं
विवाह, संतान एवं पारिवारिक समस्याओं का समाधान होता है
जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है
साथ ही दस महाविद्याओं की विशेष आराधना से साधक को शक्ति, रक्षा, वाक्सिद्धि, ऐश्वर्य एवं मनोकामना पूर्ति का अनुपम फल प्राप्त होता है।

विगत वर्षों से उमड़ती आस्था….
यह पावन महाआयोजन विगत कई वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें उड़ीसा, बस्तर अंचल, शहरी क्षेत्रों रायपुर, धमतरी, बिलासपुर, गरियाबंद, संपूर्ण छत्तीसगढ़ एवं छत्तीसगढ़ के बाहर मध्य प्रदेश सहित दूर-दराज़ से श्रद्धालु भक्तजन बड़ी संख्या में सम्मिलित होते हैं। श्रद्धालु यहाँ आकर आस्था रूपी ज्योति प्रज्वलित करते हैं, यज्ञ में सहभागिता करते हैं और अपने जीवन की बाधाओं से मुक्ति पाकर मनोकामनाओं की सिद्धि का अनुभव करते हैं।
आचार्यवृंद एवं वैदिक व्यवस्था….
आयोजन के प्रधान आचार्य एवं यज्ञाचार्य पं. द्वारिका प्रसाद पाण्डेय ने बताया कि हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी गुप्त नवरात्र पर्व पर इस महाआयोजन को पूर्ण वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न कराया जाएगा। सत् चण्डी महायज्ञ हेतु विद्वान वेदाचार्यों की विशेष व्यवस्था की गई है, जिनके द्वारा दिव्य वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिपूर्वक यज्ञाहुतियाँ समर्पित की जाएँगी।
कार्यक्रम विवरण…
यह नौ दिवसीय आयोजन 19 जनवरी से 27 जनवरी तक प्रतिदिन प्रातः 9:00 बजे से संध्या 6:00 बजे तक संपन्न होगा—
प्रातः 9:00 बजे — श्री सत् चण्डी पाठ
11:00 बजे — दस महाविद्या विशेष पूजन
दोपहर 1:00 बजे — श्री सत् चण्डी महायज्ञ प्रारंभ
संध्या 5:00 बजे — महा आरती
तत्पश्चात महा भंडारा
अष्टभुजी शक्तिपीठ दुर्गा मंदिर, उमरगांव में आयोजित यह महायज्ञ शक्ति उपासना, लोककल्याण एवं आध्यात्मिक चेतना का दिव्य संगम होगा। आयोजन समिति ने अधिकाधिक संख्या में श्रद्धालुओं से इस पावन अवसर पर सहभागी होकर पुण्यलाभ अर्जित करने की अपील की है।
गुप्त नवरात्र पर अष्टभुजी शक्तिपीठ उमरगांव में नौ दिवसीय श्री सत् चण्डी महायज्ञ एवं दस महाविद्या महाआराधना,शक्ति उपासना, बाधा निवारण एवं मनोकामना सिद्धि का दुर्लभ वैदिक अनुष्ठान
On: January 17, 2026 2:40 PM
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