छत्तीसगढ़

1964 से सरकारी प्राथमिक स्कूल पर मिडिल स्कूल की पढ़ाई करनें बच्चो को 2 से 4 किलोमीटर जाना पड़ रहा दूर साय सरकार नें मांगी थी प्रस्ताव पर अब भी काम अधूरा पढ़े पूरी ख़बर

बिलासपुर// छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले का एक गांव जहाँ 1964 से प्राथमिक स्कूल संचालित हो रही हैँ गांव की आबादी वोटर लिस्ट के हिसाब से लगभग 3000 हैँ नाम जैतपूरी इसका एक आश्रित ग्राम भी हैँ जिसका नाम सेमराडीह हैँ यहाँ भी एक प्राथमिक स्कूल हैँ इन दोनों स्कूलों कों मिला कर लगभग 80 बच्चे 5वीं कक्षा में पढ़ाई करते हैँ पर ये पास होकर आगे वाली कक्षा में जायेंगे मतलब छठवीं में तो इनकों लगभग 2 से 4 किलोमीटर की दुरी तय कर के दूसरे गाँव में पढ़ाई करने जाना पड़ेगा ये समस्या लंबे समय से चली आ रही हैँ जिसको लेकर साल 2024 में बीजेपी विष्णु देव साय की सरकार बनते ही इस समस्या से सरकार कों अवगत कराया था जिसके बाद विष्णु देव साय की सरकार नें त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रस्ताव भी माँगा था तब तत्कालीन सरपंच के द्वारा प्रस्ताव बना कर कलेक्टर बिलासपुर जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर सीईओ मस्तूरी कों भेजा गया था आपको बताते चलें की ये आदेश मंत्रालय से आया था जिसके बाद गाँव के रहवासियों कों पूरा यकीन हो गया था की अब उनके बच्चों की आगे की कक्षा की पढ़ाई में कोई समस्या नहीं आएगा अब उनके बच्चों कों दूर जाना नहीं पड़ेगा पर जैसे जैसे समय बीतता गया उनकी उम्मीद कम होती गई और अब लगभग 1 साल बीत जानें के बाद भी मिडिल स्कूल की मांग पूरी नहीं हो पाई हैँ आज भी गाँव वालों कों उम्मीद हैँ की सरकार उनकी और उनके बच्चों की समस्या समझते हुए जल्द जैतपूरी में मिडिल स्कूल की मांग पूरी करेंगी अब नवनिर्वाचित सरपंच दिलहरण पटेल भी इसको लेकर शिक्षा मंत्री और मुख्य मंत्री से मिलने की बात कह रहें हैँ ताकि गाँव के बच्चों कों आगे की पढ़ाई करने लम्बी दुरी तय ना करना पड़े वही गाँव के संजय यादव बताते हैँ की हमारे गाँव के बच्चे दूसरे गाँव में 5 के बाद पढ़ाई करने जाते हैँ वो गाँव हमारे गाँव से बहुत दूर पड़ता हैँ और रास्ते में नहर तालाब भी पड़ता हैँ जिसको लेकर पेरेंट्स की चिंत्ता दिन भर बनी रहती हैँ हम सब चाहते हैँ की जल्द से जल्द गाँव में 8वीं तक का स्कूल खुले और हमारे पुरे गाँव की समस्या दूर हो।

Related Articles

Back to top button