CG:बेमेतरा जिले सहित बेरला जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले पंचायत सचिवों का अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी आज 17वां दिन… शासकीयकरण मांग को लेकर हडताल पर है
बेरला जनपद के अंतर्गत आने वाले 87 सचिव बैठे हड़ताल पर

संजू जैन:7000885784
बेमेतरा:बेमेतरा जिले के पंचायत सचिवों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है पंचायत सचिव 18 मार्च से ब्लॉक स्तर पर कार्य बंद कर धरना प्रदर्शन कर रहे है सचिवों का कहना है कि जब तक उनकी शासकीयकरण की मांग पूरी नहीं होगी,तब तक आंदोलन जारी रहेगा बेरला जनपद पंचायत अंतर्गत 87 बेरला नगर पंचायत गौठान मैदान में धरना दे रहे है पंचायत सचिवों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है उनका कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने शासकीयकरण को आवश्यक बताते हुए भरोसा दिलाया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सरकार ने समिति गठित कर शासकीयकरण की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का वादा किया था, लेकिन अब तक बजट में इसका कोई उल्लेख नहीं किया गया है। इसी के विरोध में पंचायत सचिवों ने 17 मार्च को रायपुर में विधानसभा का घेराव किया था इसके बाद 18 मार्च से जिले के ब्लॉक स्तर पर हड़ताल शुरू कर दी गई है,जो लगातार जारी है पंचायत सचिवों की हड़ताल से जिले में पंचायतों का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए नहीं जा रहे हैं, जिससे नागरिकों को परेशानी हो रही है। पेंशन वितरण और राशन कार्ड संबंधी कार्य बाधित हो गए हैं जिससे जरूरतमंदोंको मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जाति,निवास और अन्य प्रमाण पत्र नहीं बनने के कारण विद्यार्थियों और नौकरी के इच्छुक युवाओं को भी दिक्कतें हो रही हैं। नव निर्वाचित पंचायत जनप्रतिनिधियों को पंचायतों की आवश्यक जानकारी नहीं मिल पा रही है, जिससे वे अपने कार्यों को सुचारू रूप से संचालित नहीं कर पा रहे हैं धरने पर बैठे पंचायत सचिवों ने साफ कहा है कि यदि सरकार जल्द कोई फैसला नहीं लेती है, तोआंदोलन को और तेज किया जाएगा। पंचायत सचिव संगठन की ओर से आगे की रणनीति तैयार की जा रही है, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके। अब तक सरकार ने इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है, जिससे पंचायत सचिवों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो यह हड़ताल पूरे प्रशासनिक तंत्र को प्रभावित कर सकती है।छत्तीसगढ़ में पंचायत सचिवों का यह आंदोलन सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। अब यह देखना होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या फैसला लेती है
बेरला मे हडताल पर बैठे पंचायत सचिव केहरसिंह साहू,लेखन साहू, धनीराम जांगड़े, लवकुशदास मानिकपुरी,कलेश्वर देशलहरे, रामजी देवांगन, प्रभुराम साहू, शिव देशलहरे, गजानंद वर्मा, परमेश्वर निषाद, रोहित बंजारे, देवराज साहू, गिरवरदास गायकवाड , रोशन मानिकपुरी, सूरेस बंजारे, पंचराम निषाद, रामानंद निषाद, चुनुराम साहू, जीवन साहू, स्वरूपानंद वर्मा, अनिता मार्कण्डेय, चित्ररेखा,राजेंद्र वर्मा, पवन विश्वकर्मा, गजेंद्र यादव, भोजराम धीवर, संतोष मरकाम, दशरथ निर्मलकर, सनत पाटिल, पतिराम साहू, जगदीश यादव, अशोक गायकवाड, अमित कुमार, श्यामलाल साहू, गोवर्धन साहू, मीनुराम, विवेक कुमार, हरखराम, निशा शर्मा, नीतू साहू, त्रिवेणी साहू, जमोत्री मनहरे, छुमु साहू, रतन निषाद, संतोष दिवाकर, पूनाराम बंजारे, कुंभकरन साहू, बहल साहू, राजू साहू, गजेंद्र वर्मा, संतोष वर्मा, अनिल टंडन, तोपसिंह, व्यसनारायण, पुलस निषाद सहित बेरला ब्लाक के पंचायत सचिव