CG – पाली सीएचसी में गत एक वर्ष से जीवन दीप समिति की बैठक नही राशि उपयोगिता स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता व दवाइयों की उपलब्धता मामले को लेकर उठे सवाल? पढ़े पूरी ख़बर
0 पीआईसी मेंबरों ने गड़बड़ी की आशंका जताई.
0 पूर्व में हो चुकी है एक करोड़ से अधिक के राशि की गड़बड़ी
कोरबा//रोगी कल्याण समिति के स्थान पर भाजपा के पूर्व शासनकाल में बनी जीवनदीप समिति पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दम तोड़ रही है। इस समिति की गत एक वर्ष से न तो सामान्य सभा न ही साधारण सभा बैठकें हो रही है और न ही सालाना बजट तैयार हो रही है। मरीजों से लिये जाने वाले शुल्क राशि की भी जानकारी परामर्शदात्री समिति के सदस्यों को नही है। इससे लाखों रुपए के गड़बड़ी की आशंका व्यक्त की गई है।
अस्पताल प्रबंधन व स्वास्थ्य सेवाओं की क्वालिटी सुधारने और मरीजों को सस्ते दर पर ईलाज उपलब्ध कराने पारदर्शिता के लिए बनी जीवन दीप समिति की बैठक गत एक वर्ष से पाली सीएचसी में नही हुई है, जो गंभीर लापरवाही है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, दवाइयों की उपलब्धता और रख- रखाव प्रभावित हो रहे है। जबकि यह समिति जनभागीदारी से अस्पताल के प्रबंधन को सुदृढ करने के लिए है, जिसका उद्देश्य फंड का सही उपयोग और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना है। बैठक न होने से अस्पताल के संचालन और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में कमी आ गई है। जानकारी के अनुसार जीवन दीप समिति को जांच शुल्क और अन्य माध्यम से राशि मिलती है, लेकिन बैठक के अभाव में कार्यों और बजट का सही उपयोग (आय- व्यय की समीक्षा) नही हो पा रही है। इसके अलावा समिति के माध्यम से डॉक्टर या नर्स की संविदा नियुक्ति में देरी सहित वार्ड में सफाई, पानी की व्यवस्था या अन्य आवश्यक उपकरण खरीदने, एंबुलेंस, रोगियों के लिए भोजन, मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट जैसे जनभागीदारी के फैसले में अभाव देखा जा रहा है।
ऐसे में पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिना जीवन दीप समिति सामान्य सभा के अनुमोदन के विकास कार्य के लिए मिले धन को खर्च कर रहे है। जबकि बिना समिति बैठक अनुमोदन के आय- व्यय का आडिट भी नही कराया जा सकता। बता दें कि सीएचसी में आए धन को जीवन दीप समिति की सामान्य सभा के बैठक में अनुमोदित किया जाना जरूरी है। साथ मे समिति को यह अधिकार दिया गया है कि समिति में शामिल सदस्यों की सहमति के बाद ही अस्पताल से जुड़े कोई कार्य कराया जाए। पाली सीएचसी में गत एक वर्ष से जीवन दीप समिति की बैठक किन कारण से नही होने को लेकर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग पाली के परामर्शदात्री समिति सदस्य एवं नगर पंचायत की पार्षद श्रीमती दीप्ति दीपक शर्मा से जानकारी लिए जाने पर उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि स्थानीय सरकारी अस्पताल में कौन सा कार्य होने वाला है, इसकी जानकारी तक उन्हें नही दी जाती है। नियमः बगैर बैठक कराए कोई कार्य नही किये जाने का जीवन दीप समिति में प्रावधान है।
इस बाबत बैठक के लिए प्रभारी खंड चिकित्साधिकारी को कई बार बोला गया लेकिन उनकी बात अनसुनी की गई है। ज्ञात हो कि डेढ़- दो वर्ष पूर्व इस अस्पताल में एक करोड़ से अधिक की राशि के गड़बड़ी मामले उजागर होने के बाद यहां पदस्थ क्लर्क पर निलंबन की गाज गिरी थी, जबकि गड़बड़ी राशि वसूली के मामले अबतक लंबित है। गत एक वर्ष से जीवन दीप समिति की बैठक नही लिए जाने को लेकर पिछली गड़बड़ी की पुनरावृत्ति वर्तमान दोहराए जाने की आशंका परामर्शदात्री समिति के सदस्यों ने व्यक्त की है। जिला प्रशासन को इस दिशा में गंभीरता से संज्ञान लेने की आवश्यकता है ताकि पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कार्यों में पारदर्शिता के साथ और अधिक सुदृढ और प्रभावी बनाया जा सके।




