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Uttarakhand News- पर्यटन का महाकुंभ: फेस्टिवल में देश-दुनिया से पहुंचे लोग, CM धामी ने गिनाईं जिले की खासियतें, कहा- टिहरी उत्तराखंड का ऐसा जिला है, जो…..

देहरादून. इस बार का टिहरी लेक फेस्टिवल कई मायनों में खास है. सबसे खास बात चार वर्षों से चले आ रहे गतिरोध के टूटने से जुड़ी है. कोविड-19 की वजह से इसका आयोजन नहीं हो पाया था. मगर राज्य सरकार ने ठानी, तो इस बार गतिरोध टूट गया. एक और अहम बात काबिलेगौर है कि इस बार सिर्फ टिहरी शहर ही इस आयोजन का मेजबान नहीं है, बल्कि मेजबानी का दायरा कई अन्य शहरों तक फैल गया है. इस बार नरेंद्रनगर, घनसाली, प्रतापनगर, धनोल्टी और देवप्रयाग में भी फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है.

दरअसल, राज्य सरकार बडे़ आयोजनों को किसी एक जगह पर केंद्रित न रखकर उसे विभिन्न स्थानों पर आयोजित करा रही है. इससे ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों को बडे़ आयोजनों का एक्सपोजर मिलता है. राष्ट्रीय खेलों का उदाहरण हमारे सामने है, जिसे देहरादून के अलावा, हरिद्वार, हल्द्वानी, रूद्रपुर से लेकर टिहरी, पिथौरागढ़ जैसे स्थानों में भी आयोजित किया गया.

टिहरी लेक फेस्टिवल के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ, जब देवप्रयाग, नरेंद्रनगर, प्रतापनगर, धनोल्टी और घनसाली जैसे क्षेत्रों को इस आयोजन से जोड़ा गया हो. इन जगहों पर ट्रैकिंग के इवेंट से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी विशेष आयोजन किया जा रहा है. एक तरह से कह सकते हैं कि पहली बार टिहरी लेक फेस्टिवल में टिहरी शहर नहीं, बल्कि पूरा जिला मेजबान बतौर अपनी भूमिका निभा रहा है.

DM टिहरी नितिका खंडेलवाल का कहना है कि टिहरी जिले के कई क्षेत्र ऐसे हैं, जो पर्यटन के मानचित्र पर और भी ज्यादा चमक सकते हैं. टिहरी लेक फेस्टिवल में ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रों की सहभागिता से अच्छे व सार्थक परिणाम मिलेंगे.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि टिहरी उत्तराखण्ड का ऐसा जिला है, जो पर्यटन के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं समेटे हुए हैं. टिहरी झील का आकर्षण तो जगजाहिर है. देश-दुनिया के लोग यहां पर खिंचे चले आ रहे हैं. सरकार यहां पर सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही है, ताकि टिहरी पर्यटन के मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर पाए.

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