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Uttarakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिले ट्रेनी पीसीएस अधिकारी, धामी बोले- युवा अधिकारी राज्य की रीढ़ माने जाते हैं….

उत्तराखण्ड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में परिवीक्षाधीन पीसीएस अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों का हार्दिक स्वागत करते हुए उनके आगामी प्रशासनिक दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल एक रोजगार नहीं है, बल्कि यह जनता के प्रति जिम्मेदारी और सेवा की भावना से जुड़े ‘ईश्वरीय कार्य’ के समान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाओं में आने वाले युवा अधिकारी राज्य की रीढ़ माने जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी सेवा का मूल उद्देश्य जनता के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा को केवल प्रोफेशन न समझें, बल्कि इसे समाज और देवभूमि उत्तराखण्ड के लोगों के लिए समर्पित एक सेवा-भाव के रूप में अपनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी जब सेवा को ईश्वरीय कार्य समझकर करेंगे, तब उनके निर्णय अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और प्रभावी होंगे।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी तकनीक, आधुनिक दृष्टिकोण और नए विचारों से समृद्ध है। इसलिए जनता की उम्मीदें भी युवा अधिकारियों से दोगुनी हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ प्रशासन को नवाचार अपनाने की जरूरत है—चाहे वह तकनीक का उपयोग हो, प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण हो या जनसंपर्क को बेहतर बनाने के तरीके। उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक और स्मार्ट समाधान आवश्यक हैं, ताकि जनता को त्वरित और प्रभावी सेवाएं मिल सकें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संवेदनशील प्रशासन की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता प्रशासन से सम्मान, न्याय, सुनवाई और संवेदनशीलता की अपेक्षा रखती है। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे हर समस्या को मानवीय दृष्टिकोण से समझें और प्रत्येक नागरिक के साथ सम्मानपूर्ण व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याएं सुनना, उन्हें समझना और समाधान के लिए तुरंत व गंभीर प्रयास करना ही एक सच्चे और प्रभावी प्रशासक की पहचान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां विशिष्ट और चुनौतीपूर्ण हैं। पर्वतीय क्षेत्रों, दुर्गम मार्गों और दूरस्थ गांवों में बुनियादी सेवाएं पहुंचाना कठिन होता है। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि पहाड़ी राज्य में प्रशासनिक दायित्व केवल तकनीकी नहीं होते, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और अधिक परिश्रम की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद, अधिकारी अगर सकारात्मक सोच और कठिन परिश्रम से काम करेंगे, तो प्रदेश के लोगों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है।

उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन की प्रत्येक योजना और सुविधा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, यह प्रत्येक अधिकारी का मिशन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के वंचित, दूरस्थ और जरूरतमंद वर्ग को लाभ दिलाना है, और यह तभी संभव है जब अधिकारी ईमानदारी और प्रतिबद्धता से इस दिशा में निरंतर काम करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता प्रशासन से न्याय, पारदर्शिता और निष्पक्षता की अपेक्षा रखती है। इसलिए अधिकारी हमेशा विनम्र, ईमानदार और निष्पक्ष रहें। उन्होंने कहा कि अच्छा आचरण, जनता से जुड़ाव और सही निर्णय लेने की क्षमता किसी अधिकारी की सबसे बड़ी पूँजी है।

Uttarakhand News: उत्तराखण्ड अनन्य सम्मान कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम धामी, शहीद सैनिकों के परिजनों को किया सम्मानित….

उत्तराखण्ड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सहस्त्रधारा रोड, देहरादून स्थित एक होटल में उत्तराखण्ड अनन्य सम्मान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शहीदों के परिजनों का संघर्ष और देश के प्रति अटूट निष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणा है।

मुख्यमत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड वीरभूमि के रूप में भी जाना जाता है। प्रदेश के लगभग प्रत्येक परिवार का सदस्य सेना या अर्द्ध सैनिक बलों से जुड़ा हुआ है। उत्तराखण्ड के वीर सपूतों ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर मातृभूमि की रक्षा की है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा वे स्वयं एक फौजी के बेटे हैं। इसलिए उनके हृदय में शहीदों और उनके परिवारों के प्रति हमेशा से गहरी संवेदनशीलता, सम्मान और समर्पण की भावना रही है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने शहीदों की वीरता और बलिदान को नमन करते हुए शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेन्सन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिक धनराशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। बलिदानियों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का भी निर्णय लिया गया है और सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि को भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष किया गया है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बलिदानियों के आश्रितों के लिए नौकरी पूर्व प्रशिक्षण तथा पुत्री के लिए विवाह अनुदान जैसी योजनाएँ भी संचालित की जा रही है। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों हेतु सरकारी बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था करने के साथ ही सेवारत व पूर्व सैनिकों हेतु 25 लाख रुपए की सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है। पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों को भी अचल सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत तक की छूट देने की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, देहरादून के गुनियाल गांव में भव्य सैन्य धाम का निर्माण करवा रही है। जो प्रत्येक उत्तराखण्डी के लिए एक पावन स्थल होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही सेना को अत्याधुनिक संसाधनों से युक्त भी किया जा रहा है। रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। कई देशों को रक्षा उपकरणों और संसाधनों का निर्यात भी भारत कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत रक्षा सामग्री का निर्यात करने वाले शीर्ष देशों की सूची में शामिल हो गया है।उत्तराखण्ड अनन्य सम्मान कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम धामी, शहीद सैनिकों के परिजनों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सहस्त्रधारा रोड, देहरादून स्थित एक होटल में उत्तराखण्ड अनन्य सम्मान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शहीदों के परिजनों का संघर्ष और देश के प्रति अटूट निष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणा है।

मुख्यमत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड वीरभूमि के रूप में भी जाना जाता है। प्रदेश के लगभग प्रत्येक परिवार का सदस्य सेना या अर्द्ध सैनिक बलों से जुड़ा हुआ है। उत्तराखण्ड के वीर सपूतों ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर मातृभूमि की रक्षा की है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा वे स्वयं एक फौजी के बेटे हैं। इसलिए उनके हृदय में शहीदों और उनके परिवारों के प्रति हमेशा से गहरी संवेदनशीलता, सम्मान और समर्पण की भावना रही है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने शहीदों की वीरता और बलिदान को नमन करते हुए शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेन्सन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिक धनराशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। बलिदानियों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का भी निर्णय लिया गया है और सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि को भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष किया गया है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बलिदानियों के आश्रितों के लिए नौकरी पूर्व प्रशिक्षण तथा पुत्री के लिए विवाह अनुदान जैसी योजनाएँ भी संचालित की जा रही है। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों हेतु सरकारी बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था करने के साथ ही सेवारत व पूर्व सैनिकों हेतु 25 लाख रुपए की सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है। पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों को भी अचल सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत तक की छूट देने की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, देहरादून के गुनियाल गांव में भव्य सैन्य धाम का निर्माण करवा रही है। जो प्रत्येक उत्तराखण्डी के लिए एक पावन स्थल होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही सेना को अत्याधुनिक संसाधनों से युक्त भी किया जा रहा है। रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। कई देशों को रक्षा उपकरणों और संसाधनों का निर्यात भी भारत कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत रक्षा सामग्री का निर्यात करने वाले शीर्ष देशों की सूची में शामिल हो गया है।

Uttarakhand News: धामी सरकार का कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला: नए नियमों के तहत विनियमीकरण के लिए जानिए कौन होगा पात्र…..

देहरादून. राज्य सरकार द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय के क्रम में विनियमितीकरण नियमावली-2013 में संशोधन करते हुए दैनिक वेतन, कार्यप्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ रूप में नियुक्त कार्मिकों का विनियमितीकरण (संशोधन) नियमावली-2025 जारी कर दी गई है.

सचिव कार्मिक, शैलेश बगौली द्वारा इस संबंध में आज अधिसूचना निर्गत की गई. संशोधित नियमावली के अनुसार, अन्य शर्तें पूर्ण करने पर दैनिक वेतन, कार्यप्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक तथा तदर्थ रूप से नियुक्त वे कार्मिक विनियमितीकरण के लिए पात्र होंगे, जिन्होंने 4 दिसंबर 2018 तक इस रूप में कम से कम 10 वर्ष की निरन्तर सेवा उस पद या समकक्ष पद पर पूर्ण कर ली हो.

जबकि उपरोक्त संशोधन से पूर्व यह व्यवस्था थी कि नियमावली में उल्लिखित अन्य शर्तें पूर्ण करने पर दैनिक वेतन, कार्यप्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक तथा तदर्थ रूप से नियुक्त वे कार्मिक विनियमितीकरण के लिए पात्र थे, जिन्होंने वर्ष 2013 की नियमावली के प्रख्यापन की तिथि को इस रूप में कम से कम 5 वर्ष की निरन्तर सेवा उस पद या समकक्ष पद पर पूर्ण कर ली हो.

सीएम धामी ने अधिकारियों को हर्बल सेक्टर में व्यवस्थित रूप से काम करने के दिए निर्देश, कहा- हिमालयी क्षेत्र प्राकृतिक हर्बल संपदा से समृद्ध….

देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित जड़ी-बूटी सलाहकार समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों में क्लस्टर बनाकर हर्बल क्षेत्र में व्यवस्थित रूप से कार्य किया जाए. उन्होंने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उपलब्ध हर्बल एवं औषधीय उत्पादों के संवर्धन और प्रोत्साहन पर विशेष ध्यान दिया जाए.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जड़ी-बूटी और एरोमा सेक्टर में अग्रणी दो राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज़ का अध्ययन करने के लिए राज्य से विषय विशेषज्ञों की टीम भेजी जाए, जिससे उत्तराखण्ड में भी इन नवाचारों को लागू किया जा सके. उन्होंने कहा कि जड़ी-बूटी क्षेत्र में टर्नओवर बढ़ाने के लिए अनुसंधान, नवाचार, उत्पादन, विपणन और ब्रांडिंग पर समन्वित रूप से कार्य हो.

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र प्राकृतिक हर्बल संपदा का केंद्र है. राज्य में इसकी अपार संभावनाओं को देखते हुए हर्बल इकोनॉमी को विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है. किसानों को उनके उत्पाद का अधिकतम लाभ दिलाने, स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा महिलाओं को आर्थिकी से जोड़ने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं. उन्होंने कहा कि हर्बल उत्पादों की वैल्यू एडिशन, प्रसंस्करण और प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये पंतनगर विश्वविद्यालय का सहयोग भी लिया जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में भालू सहित अन्य जंगली जीवों से जनजीवन और फसलों को नुकसान पहुंच रहा है, वहां कृषि एवं वन विभागों की संयुक्त टीमें भेजी जाएं. ये टीमें लोगों को सुरक्षा उपायों और फसल संरक्षण के लिए जानकारी प्रदान करें. बैठक में जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान के निदेशक डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने संस्थान द्वारा किए जा रहे अनुसंधान कार्यों, दुर्लभ औषधीय प्रजातियों के संरक्षण, उत्पादन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी.

Uttarakhand News: केंद्र सरकार का ऐतिहासिक फैसला: टनकपुर से तख्त नांदेड़ साहिब तक नई रेल सेवा को मंजूरी, मुख्यमंत्री धामी ने जताया आभार…..

देहरादून. देवभूमि उत्तराखण्ड और सिख समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है. केंद्र सरकार ने टनकपुर (उत्तराखण्ड) से तख्त नांदेड़ साहिब (महाराष्ट्र) तक नई रेल सेवा की शुरुआत के लिए स्वीकृति दी है. इस निर्णय से अब देश के प्रमुख पवित्र स्थलों में से एक नांदेड़ साहिब की यात्रा उत्तराखण्ड के हजारों श्रद्धालुओं के लिए सुगम एवं सुविधाजनक होगी.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस महत्वूपर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का हार्दिक आभार व्यक्त किया है. उन्होंने कहा है कि यह कदम न केवल उत्तराखण्ड के सिख समुदाय और श्रद्धालुओं की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करता है, बल्कि इससे प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान होगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर से चलने वाली इस रेल सेवा से तराई क्षेत्र सहित पूरे उत्तराखण्ड के श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा. यह रेल संपर्क सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता को मजबूत करते हुए उत्तराखण्ड को राष्ट्रव्यापी धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त रूप से स्थापित करेगा.

प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सतत प्रयासरत है. नई रेल सुविधा उत्तराखण्ड की कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करते हुए व्यापार, पर्यटन एवं सांस्कृतिक यात्राओं को भी प्रोत्साहित करेगी.

सुगम आवागमन की दिशा में बड़ा कदम: मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के तहत किया सड़क निर्माण कार्यों का भूमिपूजन….

रायपुर: छत्तीसगढ़ में ग्रामीण संपर्क मार्गों को सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी कड़ी में आज महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के ग्राम नवाटोला, तेलगवां, माडर में मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना अंतर्गत स्वीकृत सड़क निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया।

सुगम आवागमन की दिशा में बड़ा कदम: मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के तहत  किया सड़क निर्माण कार्यों का भूमिपूजन

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, पंच-सरपंचों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण इलाकों में आवागमन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि गांवों का हर मौसम में सुचारू रूप से विकास से जुड़ाव बना रहे।

सुगम आवागमन की दिशा में बड़ा कदम: मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के तहत  किया सड़क निर्माण कार्यों का भूमिपूजन

योजना के तहत कुल 0.90 किमी लंबाई की सीसी सड़कों एवं नाली निर्माण का कार्य स्वीकृत हुआ है। इनमें ओडगी नवाटोला मुख्य मार्ग से खालबहरा मार्ग तक 0.20 किमी सड़क, लागत 17.07 लाख रुपए,मेन रोड भंडारापारा से बगीचा मार्ग तक 0.20 किमी सड़क, लागत 17.07 लाख रुपए,देवलपारा से संतलाल तक 0.50 किमी सड़क, लागत 40.23 लाख रुपए शामिल है।
इन निर्माण कार्यों पर कुल 74.37 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।

इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीणों को पक्की सड़क की सुविधा प्राप्त होगी, जिससे दैनिक आवागमन आसान होगा तथा छात्रों, किसानों और कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को विशेष लाभ मिलेगा। बारिश के मौसम में भी परिवहन व्यवस्था अब निर्बाध रहेगी।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना गांवों में सतत विकास और मजबूत बुनियादी ढांचे की दिशा में राज्य सरकार की प्राथमिकता को दर्शाती है। आने वाले समय में ऐसे और भी कार्यों को गति दी जाएगी ताकि प्रत्येक गांव बेहतर सड़क सुविधा से जुड़ सके।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर में नए आपराधिक कानूनों पर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया….

रायपुर: प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर में नए आपराधिक कानूनों पर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी में नए कानूनी प्रावधानों, कानूनी प्रक्रियाओं तथा नागरिक हित में किए गए बदलावों को विस्तार से पेश किया गया है, जो न्याय-प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, स्पष्ट और तेज बनाने में सहायक होंगे।

न्याय-प्रक्रिया में तेजी एवं पारदर्शिता पर विशेष जोर

मंत्री श्री अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि आधुनिक समाज की बदलती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम काफी अहम है। न्याय का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का भाव जगाना भी है, उन्होंने कहा कि नई विधियाँ नागरिकों को उनके अधिकारों से अवगत कराते हुए, अपराध नियंत्रण और निवारण में पूरी तरह से मददगार साबित होंगी।

प्रदर्शनी में विभिन्न आपराधिक मामलों से जुड़ी नई प्रक्रियाओं, न्यायालयों में सुनवाई की गति बढ़ाने के उपाय तथा कानून प्रवर्तन में सुधारों की व्यापक जानकारी दी गई है। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज में जागरूकता और सुरक्षा भावना को बढ़ावा देने वाला कदम बताया।

न्याय-प्रक्रिया में तेजी एवं पारदर्शिता पर विशेष जोर

यह प्रदर्शनी अगले सप्ताह तक आम जनता के लिए खुली रहेगी, जिससे सभी वर्ग के लोग नई कानूनी व्यवस्थाओं को समझ सकें और इसका लाभ ले सकें। आम जनता प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेश में कानून व्यवस्था और न्याय व्यवस्था के नवोन्मेष की झलक पा सकती है, जिससे आने वाले समय में सामाजिक स्थिरता और सुरक्षा को एक नया आयाम मिलेगा।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आईईडी ब्लास्ट में घायल पुलिस जवानों से अस्पताल में की मुलाकात….

रायपुर: उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज रायपुर के निजी अस्पताल पहुंचे, जहाँ उन्होंने जिला बस्तर के भैरमगढ़ थाना क्षेत्र में हुए नक्सली मुठभेड़ के दौरान आईईडी ब्लास्ट की चपेट में आए घायल पुलिस जवानों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली। उन्होंने घायल जवानों से घटना की जानकारी ली और दिवंगत हुए उनके साथी जवानों के लिए संवेदना व्यक्त की।

भैरमगढ़ क्षेत्र में नक्सलियों और पुलिस बल के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान आईडी विस्फोट में एएसआई श्री जनार्दन कोर्राम, आरक्षक श्री रमलू हेमला और आरक्षक श्री सोमदेव यादव घायल हुए थे, जिन्हें उपचार हेतु तत्काल रायपुर भेजा गया था। इस दौरान उन्होंने घायल जवानों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें हौसला दिया।

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अस्पताल में मौजूद अधिकारियों और चिकित्सकों को जवानों के बेहतर उपचार के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने घायल जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि शासन और प्रशासन हर संभव मदद के लिए आपके साथ खड़ा है।

छत्तीसगढ़ में शुरू होने जा रहा है पर्यटन का नया अध्याय: मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना से छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान…..

रायपुर: छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग एवं आईआरसीटीसी मिलकर मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना के तहत रायपुर और बस्तर में पर्यटकों के लिए विशेष टूर पैकेजों की शुरुआत जल्द ही करने जा रहे हैं। यह पहल प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत के प्रसार के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस योजना के अंतर्गत रायपुर से चार प्रमुख टूर पैकेज संचालित किए जाएंगे, जिनमें रायपुर सिटी टूर, रायपुर सिटी धार्मिक टूर, रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर और रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर शामिल हैं। प्रत्येक पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी-अंग्रेजी गाइड, भोजन और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पर्यटक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का आनंद ले सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पर्यटन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह महत्वपूर्ण योजना शुरू की गई है। इससे न केवल आर्थिक विकास को बल मिलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त होगी।

पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह योजना स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के व्यापक अवसर भी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि हर पर्यटक तक पहुँचे।”

प्रमुख टूर पैकेज

रायपुर सिटी टूर (दिवसीय भ्रमण)

इस टूर में पर्यटक रायपुर के प्रमुख स्थलों—राम मंदिर, ऊर्जा पार्क, पुरखौती मुक्तांगन, छत्तीसगढ़ ट्राइबल म्यूजियम, नंदनवन जू और कौशल्या माता मंदिर की सैर कर सकेंगे। पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी/अंग्रेजी गाइड, भोजन और यात्रा बीमा शामिल है। प्रस्थान रायपुर रेलवे स्टेशन से होगा।

 मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना

रायपुर सिटी धार्मिक टूर (दिवसीय भ्रमण)

धार्मिक स्थलों पर केंद्रित यह टूर हनुमान मंदिर, मां बंजारी मंदिर, कैवल्य धाम जैन मंदिर, इस्कॉन मंदिर, महामाया मंदिर, दंतेश्वरी माता मंदिर, राम मंदिर और मां कौशल्या माता मंदिर की यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा। इस टूर की शुरुआत और समापन भी रायपुर रेलवे स्टेशन से ही होगा।

रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर (02 रातें / 03 दिन)

इस पैकेज में बस्तर क्षेत्र के प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों—जगदलपुर, चित्रकोट, तीरथगढ़—की यात्रा शामिल है। पर्यटक चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफा, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और दंतेश्वरी मंदिर जैसे प्रमुख आकर्षणों का आनंद ले सकेंगे। ठहराव डबल-शेयरिंग होटल में होगा तथा दैनिक भोजन की व्यवस्था रहेगी।

रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर (01 रात / 02 दिन)

यह टूर सिरपुर के ऐतिहासिक मंदिरों और बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य की सैर करवाएगा। पैकेज में स्नैक्स, भोजन, होटल आवास और वातानुकूलित वाहन शामिल हैं। पर्यटकों को जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव भी मिलेगा।

टूर पैकेज की विशेषताएं

प्रत्येक पैकेज के लिए कम से कम 10 व्यक्तियों का समूह आवश्यक है। यात्रा के दौरान पर्यटकों को पीने का पानी, स्नैक्स, लंच और ट्रैवल इंश्योरेंस दिया जाएगा। 2 से 18 वर्ष तक के बच्चों को 85% और 18 वर्ष से अधिक के वयस्कों को 75% सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
सभी पैकेज रायपुर रेलवे स्टेशन से शुरू और समाप्त होते हैं।

स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा

इन टूर पैकेजों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा लाई जा रही है। पर्यटक इन पैकेजों के जरिए प्रदेश की विविधता और समृद्धि का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। इस योजना से स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

यह योजना मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पर्यटन को बढ़ावा देने की दूरदर्शी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पर्यटन को जन-जन तक पहुँचाकर प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देना है। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और पर्यटक राज्य को नए दृष्टिकोण से जानने-समझने का अवसर प्राप्त करेंगे।

मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में पर्यटन को सुलभ, समृद्ध और आकर्षक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में प्रदेश को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भटगांव विधानसभा के धान खरीदी केंद्रों का किया निरीक्षण…

रायपुर: महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज भटगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सल्का और ग्राम बन्ना स्थित धान खरीदी केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने खरीद व्यवस्था, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, तौल मशीनों, मापक उपकरणों और धान उपार्जन से जुड़ी प्रत्येक प्रक्रिया का सूक्ष्म निरीक्षण किया।

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भटगांव विधानसभा के धान खरीदी केंद्रों का किया निरीक्षण

इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने केंद्र में उपस्थित किसानों से संवाद स्थापित कर उनकी सुझाव और जरूरतों के बारे में जानकारी ली। किसानों ने बताया कि शासन की ओर से की गई व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं तथा उन्हें धान बेचने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आ रही है। मंत्री ने समर्थन मूल्य, तुलाई की गति, बारदाना उपलब्धता और परिवहन की स्थिति पर भी किसानों से विस्तृत फीडबैक प्राप्त किया।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के धान की समयबद्ध, पारदर्शी और व्यवस्थित खरीदी के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों की उपज का सही मूल्य दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीदी केंद्रों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की सतत मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत कार्यवाही सुनिश्चित हो। निरीक्षण कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, किसान एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।