शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अरसी में संकुल स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव उत्साहपूर्वक संपन्न,‘मुस्कान पुस्तकालय’ का हुआ लोकार्पण

धमधा। शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नवप्रवेशी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने के उद्देश्य से शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, अरसी में संकुल स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में साजा विधायक श्री ईश्वर साहू तथा छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू शामिल हुए। अतिथियों ने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग श्री अरविंद मिश्रा, खंड शिक्षा अधिकारी धमधा श्री अथर्व शर्मा, बीआरसी धमधा श्री केशव पटेल, जनप्रतिनिधि, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के पदाधिकारी, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विद्यालय में नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर एवं मिठाई खिलाकर आत्मीय स्वागत किया गया। साथ ही विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों एवं गणवेश का वितरण किया गया, जिससे नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत उत्साह और उमंग के साथ हुई।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विद्यालय परिसर में नवनिर्मित ‘मुस्कान पुस्तकालय’ का लोकार्पण रहा। अतिथियों ने पुस्तकालय का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों में अध्ययन की आदत विकसित करने और ज्ञान के दायरे को विस्तृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस दौरान जवाहर नवोदय विद्यालय एवं एनएमएमएस (नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप) परीक्षा में चयनित अरसी, चीचा एवं डोड़की के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए अन्य बच्चों को भी इसी तरह मेहनत कर सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में संकुल चीचा की ओर से प्राचार्य श्री जी.पी. देशलहरा, संकुल समन्वयक श्री एन.एल. साहू, प्रधान पाठक श्रीमती छाया दुबे, श्री तोरण लाल वर्मा, डोड़की के प्रधान पाठक श्री यशवंत पटेल, सुखरीकला के प्रधान पाठक श्री गौतरिहा निषाद, श्री विष्णु सलाम, श्री लोमश दास साहू, श्री नीलेश वर्मा, श्री मनीष कुमार साहू, श्री गिरीश यादव सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यालय परिवार का सराहनीय योगदान रहा।



