धमतरीनगरी

CG – पुल वही, परेशानी वही,लाखों की मरम्मत के बाद भी नहीं बदली तस्वीर,बोरई मार्ग का पुल बना कमाई का जरिया? हर साल मरम्मत, नतीजा शून्य

छत्तीसगढ़ धमतरी….पीडब्ल्यूडी के लिए ‘सोने का अंडा देने वाली मुर्गी’ साबित हो रहे बोरई मार्ग के पुल, हर साल लाखों की मरम्मत फिर भी हाल बेहाल

अक्सर कहानियों में सोने का अंडा देने वाली मुर्गी का जिक्र सुनने को मिलता है। लेकिन आज हम आपको धमतरी जिले के एक ऐसे पुल की कहानी दिखाने जा रहे हैं, जो मानो पीडब्ल्यूडी विभाग के लिए उसी मुर्गी की तरह बन गया हो। हर साल लाखों रुपये की मरम्मत, लेकिन पहली ही बारिश या बाढ़ के बाद पुल फिर से बदहाल हो जाता है।

धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक के बोरई मार्ग पर स्थित सीतानदी और आठदहारा पुल वर्षों से मरम्मत के नाम पर सरकारी धन खर्च होने के बावजूद जर्जर बने हुए हैं। पिछले वर्ष भी दोनों पुलों पर लाखों रुपये खर्च कर लगभग चार इंच मोटी कंक्रीट की ढलाई की गई थी। लेकिन एक ही बाढ़ के बाद पुल की सतह कई जगह से उखड़ गई और सरिया तक बाहर दिखाई देने लगा।

अब एक बार फिर बारिश से पहले उसी पुल पर दोबारा लगभग चार इंच की ढलाई कर मरम्मत का काम कराया जा रहा है, जबकि पुल का निचला हिस्सा अब भी जर्जर स्थिति में है।

मरम्मत कार्य के चलते इस मार्ग पर मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। इससे डीजल की किल्लत और बढ़ी हुई ईंधन कीमतों के बीच वाहन चालकों को लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं।

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर हर साल मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च करने के बजाय इस मार्ग पर नया पुल कब बनेगा? और कब तक मरम्मत के नाम पर सरकारी धन खर्च करने का यह सिलसिला जारी रहेगा?

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