छत्तीसगढ़

CG – डीपीआई की आदेश ताक पर सोन अधिक्षिका अब भी अटैच संलग्ननिकरण का खेल जारी एक शिक्षक के भरोसे चल रही सोन प्राथमिक शाला कब जागेंगे अधिकारी जानें पूरा मामला पढ़े पुरी ख़बर

बिलासपुर//शिक्षा विभाग में नियमों को ताक पर रखकर शिक्षकों और कर्मचारियों को बचाने का खेल लगातार जारी है। डीपीआई के सख्त निर्देशों और बार-बार जारी पत्रों के बावजूद शिक्षकों की अटैचमेंट की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही। इसका ताजा उदाहरण मस्तूरी विकासखंड के सोन संकुल में देखने को मिल रहा है।

जानकारी के अनुसार शासकीय प्राथमिक शाला सोन में कुछ महीने पहले शिक्षिका अनीता दुबे को नवनिर्मित छात्रावास में अधीक्षिका के पद पर अटैच कर दिया गया था। लेकिन डीपीआई के आदेश के बाद भी आज तक उन्हें रिलीज नहीं किया गया।

स्कूल की स्थिति और भी चिंताजनक है। यहां पहले 3 शिक्षक थे। कुछ हफ्ते पहले प्रधान पाठिका रिटायर हो गईं। अब स्कूल में सिर्फ 2 शिक्षक बचे हैं, जिनमें से अनीता दुबे पहले से छात्रावास में अटैच हैं। ऐसे में पूरे स्कूल की जिम्मेदारी लगभग 1सौ बच्चों की जिम्मेदारी अकेले शिक्षक नमित पाटले के कंधों पर है। एक ही शिक्षक से बच्चों की पढ़ाई और स्कूल का संचालन दोनों करवाया जा रहा है।

स्थानीय लोगों और पालकों का कहना है कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है। डीपीआई के आदेशों की अवहेलना कर यहाँ मज़ाक बना दिया गया हैँ यहाँ अटैच कुछ शिक्षकों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी कब डीपीआई के आदेश का पालन करते हैं और अनीता दुबे को स्कूल में रिलीज कर बच्चों की पढ़ाई सुचारू कराते हैं, या फिर इसी तरह बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ जारी रहेगा।

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