CG कांस्टेबल सस्पेंड : पुलिस हिरासत में युवक की मौत मामले में एसपी ने कांस्टेबल को किया निलंबित, देखें आदेश…..

चांपा। जाजंगीर-चांपा जिले के पुलिस थाना चांपा में दर्ज आबकारी एक्ट के एक मामले में एसपी ने आरक्षक ईश्वरी राठौर को निलंबित कर दिया है। पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा द्वारा जारी आदेश में आरक्षक पर घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता बरतने का आरोप लगाया गया है।
जारी आदेश के अनुसार थाना चांपा में दर्ज धारा 34(2) आबकारी एक्ट के प्रकरण में आरक्षक ईश्वरी राठौर की भूमिका को लेकर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई है। एसपी ने निलंबन आदेश जारी करते हुए आरक्षक को तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र जांजगीर संबद्ध कर दिया है।
आदेश में लिखा है, निलंबन अवधि के दौरान आरक्षक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी। आदेश की प्रतिलिपि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी चांपा, रक्षित निरीक्षक सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। गौरतलब है कि जांजगीर-चांपा पुलिस विभाग द्वारा पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली में लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामलों में कार्रवाई की जा रही है। जिले में चांपा थाना भी जिला पुलिस की प्रमुख थाना इकाइयों में शामिल है।
पढ़िए क्या है मामला?
छत्तीसगढ़ जांजगीर-चांपा जिले के चांपा पुलिस थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। महुआ शराब के मामले में गिरफ्तार किए गए मेहंदीपारा निवासी शिव साहिस उर्फ गुल्लू की इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों और मोहल्लेवासियों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोगों ने चांपा थाने का घेराव कर दिया है।
चांपा पुलिस ने बीते दिनों शिव साहिस को महुआ शराब से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद रात में उसकी तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस द्वारा उसे इलाज के लिए शासकीय बीडीएम अस्पताल चांपा में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा था। बताया जा रहा है कि सुबह तबीयत अधिक बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
शिव साहिस की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन और मोहल्लेवासियों की नाराजगी बढ़ने लगी है। परिजनों का आरोप है कि शिव की मौत पुलिस अभिरक्षा में हुई है और गिरफ्तारी के दौरान उसके साथ मारपीट की गई थी। इसी आरोप को लेकर लोगों ने चांपा थाना पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों की ओर से मामले में दो पुलिसकर्मियों को नौकरी से हटाने तथा उचित मुआवजा देने की मांग रखे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद थाना परिसर के आसपास तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए नगर के जनप्रतिनिधि और प्रबुद्ध नागरिक भी मौके पर पहुंचने लगे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ लोग परिजनों से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि कुछ लोगों द्वारा परिजनों के साथ खड़े होकर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया जा रहा है।
देखें आदेश…..



