CG हाथों ने छोड़ा साथ, हौसलों से रोशन हुआ रुद्रेश्वर घाट:ने पैरों से जलाकर दी उम्मीद और आत्मविश्वास की रोशनी…

छत्तीसगढ़ धमतरी। रुद्रेश्वर घाट पर शाम की रोशनी धीरे-धीरे गहराने लगी थी। नदी की लहरें अपनी गति से बह रही थीं और घाट ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शुभारंभ का साक्षी बन रहा था। इसी बीच एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। एक दिव्यांग छात्रा आगे बढ़ी और अपने पैरों से दीप प्रज्वलित किया।
यह सिर्फ एक दीप का प्रज्वलन नहीं था, बल्कि विपरीत परिस्थितियों के बीच उम्मीद, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की ऐसी रोशनी थी, जिसने सभी को प्रेरित किया।
इस छात्रा का नाम है वर्षा ध्रुव। ग्राम सियादेही की रहने वाली वर्षा कक्षा 11वीं में कला संकाय की छात्रा हैं। वर्तमान में वह रुद्री स्थित एडजेस्ट फाउंडेशन में रहकर अध्ययन कर रही हैं। उनके पिता नरेंद्र कुमार ध्रुव और माता हीरू बाई खेती-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आर्थिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद वर्षा के भीतर आगे बढ़ने और बेहतर भविष्य बनाने का जज्बा स्पष्ट दिखाई देता है।
अभावों के बीच योजनाओं ने दिया सहारा
वर्षा बताती हैं कि उनके परिवार को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला है। उनकी माता के नाम गरीबी रेखा का राशन कार्ड है, जिसके माध्यम से परिवार को प्रतिमाह 35 किलो चावल मिलता है। महतारी वंदन योजना के तहत उनकी माता को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि भी प्राप्त हो रही है।
वर्ष 2025 उनके परिवार के लिए विशेष रहा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत परिवार को पक्का मकान मिला। लंबे समय तक अभावों के बीच जीवन बिताने वाले परिवार के लिए यह केवल एक आवास नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
वर्षा को छात्रवृत्ति के साथ समाज कल्याण विभाग की पेंशन योजना का लाभ भी मिल रहा है। इन योजनाओं ने परिवार की कठिनाइयों को कम करने और वर्षा की शिक्षा को आगे बढ़ाने में सहारा दिया है।
दीप में सिर्फ तेल और बाती नहीं, उम्मीद भी थी…
रुद्रेश्वर घाट पर जब वर्षा ने अपने पैरों से दीप प्रज्वलित किया, तो उनके चेहरे पर न शिकायत थी, न परिस्थितियों के प्रति निराशा। वहां दिखाई दे रहा था तो केवल आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का संकल्प।
वर्षा ने बताया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से उनके परिवार को आवास, राशन, आर्थिक सहायता और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग मिला है। इन्हीं योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करने और ‘सेवा संकल्प अभियान’ से जुड़ने के लिए वह रुद्रेश्वर घाट पहुंची थीं।
दीप प्रज्वलित हुआ तो घाट रोशन हो उठा। लेकिन उस एक दीप की लौ ने वहां मौजूद लोगों के मन में एक अलग ही उजाला भर दिया।
वर्षा ने पैरों से सिर्फ दीप नहीं जलाया, बल्कि यह संदेश दिया कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों, दृढ़ इच्छाशक्ति और हौसलों की रोशनी से हर अंधेरे को उजाले में बदला जा सकता है।