धमतरी की महिलाओं ने बदली अपनी तस्वीर! आरसेटी से प्रशिक्षण लेकर बना रहीं फिनाइल, हैंडवॉश और साबुन, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाए कदम…

धमतरी। सेवा संकल्प अभियान के तहत धमतरी जिले की महिलाएं अब अपने हुनर को स्वरोजगार में बदलकर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं। नगरी क्षेत्र के ग्राम हरदीभाठा में महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) से प्रशिक्षण प्राप्त कर फिनाइल, हार्पिक, हैंडवॉश, साबुन, वाशिंग पाउडर, बर्तन धोने का लिक्विड, मोमबत्ती और मिल्की बेस साबुन जैसे दैनिक उपयोग के उत्पाद तैयार कर रही हैं।
प्रशिक्षण से स्वरोजगार तक, महिलाओं ने संभाली कमान
ग्राम हरदीभाठा की महिला उद्यमियों ने प्रशिक्षण से प्राप्त कौशल को रोजगार का माध्यम बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। प्रतिज्ञा स्व-सहायता समूह की दामिनी, रीना, बसंती, कमल और पूर्णिमा सहित अन्य महिलाएं इस कार्य में जुटी हैं। वहीं, जमुना बाई, मथुरा साहू, रेशमी, यशबाई, लता बाई, सांवली यादव और सली सहित अन्य महिलाएं भी उत्पाद निर्माण में अपनी भागीदारी निभा रही हैं। विश्वकर्मा नाम से जुड़े दो समूहों की महिलाएं भी इस पहल में शामिल हैं।
समूह में मिलकर काम करने से महिलाओं को अपने कौशल का उपयोग करने, उत्पादन संबंधी अनुभव साझा करने और आजीविका के नए अवसर तलाशने का मौका मिल रहा है। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।
सरकारी कार्यालयों और संस्थानों से स्थानीय उत्पाद अपनाने की अपील…
महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए शासकीय कार्यालयों, अस्पतालों, विद्यालयों और अन्य संस्थानों से स्थानीय महिला उद्यमियों के उत्पादों को प्रोत्साहित करने की अपील की गई है।
फिनाइल, हैंडवॉश, साबुन, वाशिंग पाउडर और बर्तन धोने के लिक्विड जैसी नियमित उपयोग की सामग्रियों की खरीदी में उत्पादों की गुणवत्ता, उपयोगिता, उचित दरों और लागू शासकीय क्रय नियमों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय उत्पादों पर विचार किया जा सकता है। इससे महिला समूहों को अपने उत्पादों की मांग बढ़ाने और स्वरोजगार को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
‘वोकल फॉर लोकल’ से मजबूत होगी महिला उद्यमिता…
स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को बाजार और उपभोक्ताओं का सहयोग मिलना महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नियमित मांग, गुणवत्ता में सुधार, बेहतर पैकेजिंग और प्रभावी विपणन के जरिए महिला समूह अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकते हैं।
आरसेटी के प्रशिक्षण से हुनर सीखकर उत्पादन के क्षेत्र में उतरीं हरदीभाठा की महिलाएं ग्रामीण आजीविका और स्थानीय उद्यमिता की नई संभावनाएं प्रस्तुत कर रही हैं। यदि स्थानीय नागरिकों, संस्थानों और उपभोक्ताओं का सहयोग मिलता है, तो इन महिला समूहों को अपने उत्पादों के लिए व्यापक बाजार विकसित करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल सकती है।
