सिहावा शीतला शक्ति पीठ में पंचमी की धूम! माता को चढ़ा छप्पनभोग, सांसद भोजराज नाग ने किए दर्शन; उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, जानिए मंदिर की प्राचीन मान्यता और रहस्यमयी कहानी..!

नगरी-सिहावा। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी-सिहावा क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध मां सिद्ध शक्ति शीतला पीठ में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर पंचमी महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। श्रृंगी ऋषि पर्वत की तलहटी में स्थित माता के दरबार में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। माता के जयकारों और भक्ति गीतों से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर माता भक्त युवाओं की टीम ने भव्य शोभायात्रा निकालकर विधि-विधान से माता रानी को छप्पनभोग अर्पित किया। आयोजन में विधायक अम्बिका मरकाम, गोलू मालू, सचिन भंसाली सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
शोभायात्रा निकालकर चढ़ाया छप्पनभोग, भंडारे में उमड़े श्रद्धालु
पंचमी महोत्सव के अवसर पर माता भक्त युवाओं ने सामूहिक रूप से छप्पनभोग तैयार किया और श्रद्धा एवं उत्साह के साथ शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा के मंदिर पहुंचने के बाद विधि-विधान से माता शीतला को छप्पनभोग अर्पित किया गया। श्रद्धालुओं ने माता रानी से क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। युवाओं ने सेवा भाव से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। पूरे आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता और सामूहिक सहभागिता की झलक देखने को मिली।
निसंतानों की मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता, दूर-दूर से पहुंचते हैं भक्त
नगरी-सिहावा का यह क्षेत्र घने जंगलों और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण दंडकारण्य क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। इसी क्षेत्र में श्रृंगी ऋषि पर्वत के नीचे स्थित मां सिद्ध शक्ति शीतला पीठ की नवरात्रि के दौरान विशेष महिमा मानी जाती है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन कर अपनी मनोकामनाओं की अर्जी लगाते हैं।
मान्यता है कि माता के दरबार में सच्चे मन से प्रार्थना करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। निसंतान दंपतियों को संतान सुख प्राप्त होने और जीवन के कष्ट दूर होने की भी धार्मिक मान्यता प्रचलित है। श्रद्धालुओं के बीच यह विश्वास भी है कि सच्चे मन से मांगी गई मुराद पर माता अपने मुकुट से चावल या फूल गिराकर संकेत देती हैं।
स्वयम्भू हैं मां शीतला, जंगल में कुल्हाड़ी की धार तेज करते समय हुआ था चमत्कार
मां शीतला शक्ति पीठ की स्थापना से जुड़ी एक प्रचलित लोककथा भी श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था रखती है। मान्यता के अनुसार, प्राचीन समय में यह स्थान घने जंगलों से घिरा हुआ था। एक व्यक्ति जंगल में लकड़ी काटने गया था। इसी दौरान उसकी कुल्हाड़ी एक पत्थर से टकराई और उसकी धार टूट गई। जब वह एक टीलेनुमा शिला पर कुल्हाड़ी की धार तेज करने लगा, तो वहां से रक्त जैसा तरल पदार्थ निकलने लगा। यह देखकर वह घबरा गया और घर लौट आया।
कहते हैं कि उसी रात उसे स्वप्न में माता शीतला ने दर्शन देकर बताया कि वह कोई सामान्य पत्थर नहीं, बल्कि आदि शक्ति का स्वरूप हैं। इसके बाद उस व्यक्ति ने गांव के लोगों को इस घटना की जानकारी दी। लोककथा के अनुसार, मोखला मांझी ने सर्वप्रथम उस शिला की पूजा-अर्चना की और वहां झोपड़ी बनाकर पूजा स्थल स्थापित किया। उनके वंशजों ने लंबे समय तक माता की सेवा की। समय के साथ यही स्थान भव्य मंदिर के रूप में विकसित हो गया। आज नवरात्रि के दौरान यहां हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
सांसद भोजराज नाग ने किए दर्शन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं का लिया जायजा
नवरात्रि के दौरान कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग ने शीतला शक्ति पीठ पहुंचकर माता रानी के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। सांसद ने भोजनशाला का भी निरीक्षण किया तथा सेवा कार्य में जुटे सेवादारों और कार्यकर्ताओं से बातचीत की।
मंदिर समिति के अध्यक्ष नरेंद्र नाग ने सांसद को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़े ज्योति कक्ष की आवश्यकता से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि नवरात्रि सहित अन्य धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मनोकामना ज्योति प्रज्वलित करते हैं। ऐसे में ज्योतियों को व्यवस्थित रखने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बड़े ज्योति कक्ष की आवश्यकता है।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रकाश बैस, औषधि पादप बोर्ड अध्यक्ष विकास मरकाम, जिला पंचायत सदस्य अजय ध्रुव, सरपंच नरसिंग मरकाम और राजू गोसाई सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
पांच लाख रुपये की जनपद निधि से बने किचन शेड का लोकार्पण
मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन और प्रसाद तैयार करने की व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मंदिर परिसर की भोजनशाला में नवनिर्मित किचन शेड का लोकार्पण किया गया। जनपद पंचायत अध्यक्ष महेश गोटा ने विधिवत लोकार्पण कर इसे मंदिर समिति और श्रद्धालुओं को समर्पित किया। किचन शेड के निर्माण के लिए महेश गोटा ने अपनी जनपद निधि से पांच लाख रुपये की राशि स्वीकृत की थी।
कार्यक्रम में जनपद उपाध्यक्ष हृदय साहू, मंदिर समिति अध्यक्ष नरेंद्र नाग, संरक्षक नेम सिंह बिशेन, मंशा गौर, उपाध्यक्ष बलदेव निषाद, सचिव नारद निषाद, कोषाध्यक्ष गेंद लाल यादव, सहसचिव बुधेश्वर साहू एवं लालेस्वर साहू सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी, सदस्य, पुजारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
आस्था, सेवा और विकास का संगम बना पंचमी महोत्सव
मां सिद्ध शक्ति शीतला पीठ में आयोजित पंचमी महोत्सव ने धार्मिक आस्था, सेवा भावना और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया। एक ओर माता को छप्पनभोग अर्पित कर श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि की कामना की, वहीं भंडारे और किचन शेड जैसी सुविधाओं के विस्तार से श्रद्धालुओं की सेवा को भी मजबूती मिली। नवरात्रि के अवसर पर माता के दरबार में उमड़ी भीड़ ने क्षेत्र में माता शीतला के प्रति लोगों की गहरी आस्था को एक बार फिर प्रदर्शित किया।

