CG – डिजिटल युग में समावेशी शिक्षा के नए क्षितिज: सांदीपनि एकेडमी में 5-दिवसीय एफडीपी का भव्य समापन, 200 प्राध्यापक हुए लाभान्वित पढ़े पूरी ख़बर
बिलासपुर (मस्तूरी): सांदीपनी एकेडमी, पेंड्री (मस्तूरी), बिलासपुर द्वारा शासकीय पातलेश्वर कॉलेज, मस्तूरी एवं डी.पी. विप्र कॉलेज ऑफ एजुकेशन, बिरकोना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 5-दिवसीय राष्ट्रीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस एफडीपी का मुख्य विषय “डिजिटल युग में समावेशी शिक्षा: कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सुगम्यता एवं सहायक प्रौद्योगिकी” रहा।
यह 5-दिवसीय आयोजन दिनांक 26 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 तक हाइब्रिड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) माध्यम से आयोजित किया गया, जिसमें देश भर के विभिन्न महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से 200 प्रतिभागियों (शिक्षकों एवं शोधार्थियों) ने सहभागिता की।
विभिन्न सत्रों में राष्ट्रीय विशेषज्ञों का रहा मार्गदर्शन…
पाँच दिनों तक चले इस ज्ञान महायज्ञ में विभिन्न तकनीकी सत्रों के दौरान ख्यातिलब्ध विषय-विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को संबोधित किया: प्रथम दिवस (26 अक्टूबर): डॉ. विकास तिवारी (डॉ. सी.वी. रामन यूनिवर्सिटी) ने ‘फ्रॉम गुरुकुल तो जेनरेटिंग आई’ विषय पर तथा आईआईटी रुड़की के प्रो. (डॉ.) अनुज शर्मा ने ‘फ्रॉम रासा टु रसायन :इंडियन हेरिटेज इन केमिस्ट्री’ पर व्याख्यान दिया।
द्वितीय दिवस (27 अक्टूबर): प्रो. कुलवंत सिंह पठानिया (पूर्व निदेशक सीडीओई एचपीयू शिमला) ने ‘ ट्रेडिशनल विजडम मीट्स एआई’ तथा आजाद सिंह (निदेशक आईटी, लबासना मसूरी) ने ‘जेनरेटिव एआई फॉर टीचर्स’ पर मार्गदर्शन किया।तृतीय दिवस (28 अक्टूबर): डॉ. आकांक्षा दुबे ( रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी, रायपुर) ने ‘इंटीग्रेटेड इंडियन नॉलेज सिस्टम विद एआई इनेबल्ड’ तथा डॉ. विमलेश साहू (पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय) ने समावेशी शिक्षा में एआई एवं सहायक तकनीकों के उपयोग पर विचार रखे।
चतुर्थ दिवस (29 अक्टूबर): डॉ. अमित कुमार खसकलम (गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय) ने ‘ डिजाइन थिंकिंग इन टीचर एजुकेशन’ एवं डॉ. लक्ष्मी वर्मा ( शंकराचार्य महाविद्यालय, जुनवानी) ने ‘आउटकम बेस्ड एजुकेशन’ पर तकनीकी प्रस्तुति दी।
पंचम दिवस (30 अक्टूबर): प्रो. (डॉ.) तोसेंद्र द्विवेदी (आईं आई एल एम यूनिवर्सिटी, दिल्ली एनसीआर) तथा डॉ. कोकिला भारती जायसवाल (भी आई टी दुर्ग) ने ‘एन ई पी 2020 और एआई आधारित नवीन शिक्षण पद्धतियों’ पर सत्र लिया। मूल्यांकन परीक्षण।
फीडबैक एवं प्रमाण पत्र वितरण…
कार्यक्रम के अंतिम दिवस के दूसरे सत्र के उपरांत सभी 200 प्रतिभागियों के लिए ऑनलाइन मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की गई तथा एफडीपी की प्रभावशीलता पर फीडबैक फॉर्म भरवाया गया। प्रतिभागियों ने इस एफडीपी को अत्यंत व्यावहारिक, ज्ञानवर्धक और आधुनिक युग में शिक्षकों के लिए बेहद उपयोगी बताया। सफल प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट प्रदान किए गए।
संस्थान के मार्गदर्शकों एवं आयोजन समिति(श्री विनीत चौबे, डॉ. सुचित्रा डे एवं अन्य) का योगदान कार्यक्रम के सफल आयोजन पर संस्थान के संरक्षक एवं निदेशक महेंद्र चौबे (संरक्षक), डॉ. रीता सिंह (प्राचार्य, सांदीपनी एकेडमी), डॉ. दुर्गा बाजपेयी (प्राचार्य, शासकीय पातलेश्वर कॉलेज) एवं डॉ. विभा मिश्रा (प्राचार्य, डी.पी. विप्र कॉलेज) ने पूरी आयोजन समिति एवं प्रतिभागियों को बधाई दी।
कार्यक्रम का सफल संचालन आयोजन समन्वयक डॉ. श्रीति मजूमदार (IQAC समन्वयक), डॉ. सुजाता सेमुअल एवं डॉ. अरविंद यादव के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर सलाहकार समिति के सदस्य एवं तीनों महाविद्यालयों के संकाय सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।


