छत्तीसगढ़

CG ब्रेकिंग : सरकारी नोटिस की जलाई होली, आर-पार के मूड में पटवारी, आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान…..

सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में हड़ताली पटवारियों ने काम पर लौटने के नोटिस को दरकिनार करते हुए आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। सोमवार को धरना स्थल पर पटवारियों ने सरकारी नोटिस की प्रतियां जलाकर विरोध जताया। दरअसल, सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा के निर्देश पर संभाग के हड़ताल पर बैठे सभी 819 पटवारियों को काम पर लौटने के लिए नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, नोटिस मिलने के बाद भी पटवारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

पटवारी संघ ने कहा कि, वे प्रशासनिक धमकियों से डरकर अपना आंदोलन समाप्त करने वाले नहीं है। संविधान ने सभी नागरिकों को अपनी मांग रखने का हक दिया है।

सरगुजा संभाग के 6 जिलों में 819 पटवारी 13 अक्टूबर से हड़ताल पर हैं। पटवारी पीवी एप के जरिए फसलों के सत्यापन का विरोध कर रहे हैं। पटवारियों का कहना है कि यह एप काम करने के लिहाज से सही नहीं है। इसके अलावा वे निलंबित पटवारियों का निलंबन वापस लेने की मांग भी कर रहे हैं।

सरगुजा कमिश्नर के निर्देश के बाद सरगुजा जिले के 216, सूरजपुर के 192, कोरिया के 60, एमसीबी के 51, जशपुर के 150 और बलरामपुर के 150 पटवारियों को तत्काल काम पर लौटने का नोटिस जारी किया गया है।

सोमवार को पटवारी नोटिस की कापी लेकर धरना स्थल पर पहुंचे और नोटिस की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। नोटिस मिलने के बाद भी पटवारियों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष संतोष अग्रवाल ने कहा कि संविधान ने प्रत्येक नागरिक को अपनी मांग रखने का अधिकार दिया है। शासन दमनात्मक कार्रवाई कर आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास कर रहा है, जो उचित नहीं है।

पटवारी डिम्पल गुप्ता ने कहा कि पदोन्नति सभी का अधिकार है और पटवारी इसे लेकर रहेंगे। संघ पदाधिकारियों ने दोहराया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होता, हड़ताल समाप्त नहीं की जाएगी

एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी

कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा ने कहा है कि, नोटिस मिलने के बाद तय समय पर मुख्यालय में उपस्थित नहीं होने और जवाब नहीं देने वाले पटवारियों के खिलाफ नियमों के अनुसार एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने हड़ताली पटवारियों पर कार्रवाई भी शुरू कर दी है। बलरामपुर जिले में मुख्यालय में नहीं रहने के कारण 5 पटवारियों को सस्पेंड भी किया गया है। सोमवार को सरगुजा में भी कार्रवाई की तैयारी की गई है।

पटवारियों के हड़ताल में रहने के कारण डिजिटल क्रॉप सर्वे, फिजिकल वेरिफिकेशन, एग्रीस्टैक और धान खरीदी के लिए किसानों के रिकॉर्ड का सत्यापन प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र बनाने के लिए जरूरी जांच, जमीन का नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे काम भी प्रभावित हो रहे हैं।

चक्रवाती तूफान से जिन इलाकों में फसलों को नुकसान हुआ है, वहां जल्द सर्वे कर नुकसान का आकलन करना है। इसके बाद पात्र किसानों को राहत दी जानी है। यह कार्य भी ठप है।

ये है प्रमुख मांगे

पीवी ऐप का विरोध और व्यावहारिक दिक्कतें: पटवारी संघ का कहना है कि नए पीवी ऐप के जरिए फसल भौतिक सत्यापन (गिरदावरी) करने में तकनीकी और व्यावहारिक समस्याएं आ रही हैं, और इसमें सुधार या इसे बंद करने की मांग की जा रही है।
दंडात्मक कार्रवाई का विरोध: पीवी ऐप के बहिष्कार के चलते पटवारियों पर किए जा रहे तबादलों, नोटिस और निलंबन जैसी दंडात्मक कार्रवाइयों को तुरंत निरस्त करने की मांग है।

वेतन विसंगति का निराकरण: वर्ष 2017 में ग्रेड-पे 2200 रुपये से बढ़ाकर 2400 रुपये किए जाने के बाद तहसील और जिला स्तर पर हुई विसंगतियों को दूर करने की मांग।

पदोन्नति: वर्षों से लंबित पटवारियों की पदोन्नति का रास्ता खोलने की मांग (नायब तहसीलदार आदि पदों पर समय पर प्रमोशन दिए जाएं)।

अन्य स्थानीय मांगें: भुइयां पोर्टल में मैनुअल फसल प्रविष्टि का विकल्प शुरू करना और राजस्व सर्वेक्षण से जुड़ी मांगें शामिल हैं।

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