धमतरी

कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुरूद में कृषि मशीनीकरण एवं अनुदान योजनाओं पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित…

धमतरी…इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अधीन संचालित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुरूद में बुधवार को आधुनिक कृषि यंत्रों पर एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उन्नत कृषि यंत्रों के महत्व, रखरखाव एवं प्रभावी उपयोग की जानकारी प्रदान कर कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना तथा श्रम लागत को कम करना रहा।

यह प्रशिक्षण एआईसीआरपी (AICRP) (पशुपालन में कृषि यंत्रीकरण) परियोजना अंतर्गत कृषि यंत्र एवं शक्ति अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. आर.के. नायक, परियोजना प्रधान अन्वेषक डॉ. वी.एम. विक्टर, महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. नवनीत राणा, डॉ. आशीष श्रीवास्तव, इंजीनियर अखिलेश चंद्राकर एवं राज्य अभियांत्रिकी विभाग के इंजीनियर प्रवीण वर्मा सहित महाविद्यालय के वैज्ञानिक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

अपने उद्बोधन में डॉ. आर.के. नायक ने कहा कि कृषि यंत्रीकरण किसानों की आय वृद्धि का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक पद्धति से कृषि यंत्रों का उपयोग एवं नियमित रखरखाव करने से उनकी कार्यक्षमता और आयु में वृद्धि होती है, जिससे किसानों को दीर्घकालीन लाभ प्राप्त होता है।

डॉ. वी.एम. विक्टर ने एआईसीआरपी परियोजना की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि पशुपालन एवं कृषि कार्यों में आधुनिक यंत्रों के उपयोग से श्रम की बचत, समय प्रबंधन एवं कार्य गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है। उन्होंने किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन हेतु विश्वविद्यालय से सतत जुड़े रहने का आह्वान किया।

महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. नवनीत राणा ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों एवं शासकीय अनुदान योजनाओं का समुचित लाभ लेकर किसान आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम बढ़ा सकते हैं। उन्होंने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को कृषकों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं समयोचित बताया।

राज्य अभियांत्रिकी विभाग के इंजीनियर प्रवीण वर्मा ने कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छोटे एवं सीमांत किसान महंगे कृषि यंत्रों को किराये पर लेकर कम लागत में कृषि कार्य संपादित कर सकते हैं। साथ ही कृषि यंत्रों पर उपलब्ध शासकीय अनुदान (सब्सिडी), पात्रता मानदंड एवं आवेदन प्रक्रिया की भी जानकारी प्रदान की गई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुरूद विकासखंड के छाती एवं उदेन ग्राम के 30 अनुसूचित जाति (SC) कृषकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान किसानों को कृषि यंत्रों के संचालन एवं रखरखाव का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया तथा आवश्यक कृषि उपकरणों का वितरण भी किया गया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. पियूष प्रधान, सहायक प्राध्यापक द्वारा किया गया। अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में कृषकों ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया तथा कार्यक्रम को अत्यंत लाभकारी एवं ज्ञानवर्धक बताया।

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