CG – आइस फैक्ट्री में बिक रहा था जहर : खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने की छापेमार कार्रवाई, 5000 चोकोबार और 3000 ऑरेंज कैंडी किए गए नष्ट…..

खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के साल्हेवारा में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम को सूचना मिली कि साल्हेवारा में एक आइस फैक्ट्री बिना लाइसेंस के चल रही है। टीम ने तुरंत छापा मारा। जब अधिकारी अंदर पहुंचे तो हालात देखकर हैरान रह गए। गंदगी के बीच आइसक्रीम और आइस कैंडी बनाई जा रही थी। साफ-सफाई का कोई ध्यान नहीं था और न ही कोई नियम मानें जा रहे थे। सबसे बड़ी बात यह सामने आई कि जो आइसक्रीम और कैंडी बनाई जा रही थी, उन पर न बैच नंबर था, न बनाने की तारीख और न ही एक्सपायरी डेट। यानी लोग जो खा रहे थे, वह कितना पुराना है या सुरक्षित है, इसकी कोई जानकारी ही नहीं थी।
टीम ने मौके पर करीब 5000 चोकोबार आइसक्रीम के पैकेट, पैकेजिंग सामग्री और आइसक्रीम कोन को जब्त कर तीन फ्रीजर में सीज कर दिया। वहीं करीब 3000 ऑरेंज कैंडी को वहीं नष्ट करा दिया गया। जब्त और नष्ट किए गए सामान की कीमत करीब एक लाख रुपए बताई जा रही है। जांच में यह भी पता चला कि फैक्ट्री बिना खाद्य लाइसेंस के चल रही थी। इसके बाद प्रशासन ने साफ कर दिया कि जब तक सभी नियम पूरे नहीं किए जाएंगे, तब तक यहां आइसक्रीम और कैंडी बनाना, रखना और बेचना पूरी तरह बंद रहेगा।
डॉक्टरों के मुताबिक इस तरह गंदगी में बने आइस प्रोडक्ट बच्चों के लिए बहुत खतरनाक होते हैं। इनमें गंदा पानी, सस्ते रंग और केमिकल मिलाए जा सकते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त, पेट दर्द और टाइफाइड जैसी बीमारियां हो सकती हैं। छोटे बच्चों पर इसका असर और जल्दी होता है। यह कार्रवाई अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे की मौजूदगी में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक घृतलहरे और उनकी टीम ने की। विभाग ने कहा है कि गर्मी के मौसम में ऐसे अवैध कारोबार करने वालों पर लगातार नजर रखी जाएगी और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



