CG – मस्तूरी के धनगवां में उचित मूल्य की दुकान विक्रेता नें पूर्व में बाँटे चंवाल के बदले पैसे शिकायत के बाद निलंबित ग्रामीणों का सवाल कहाँ गया उनके हिस्से का राशन जानें पूरा मामला पढ़े पूरी ख़बर
मल्हार//धनगवां में दागी लोंग अब अपने द्वारा किये गए भ्रष्टाचार कों छिपाने के लिए गांव में हों रही विकास कार्यों की शिकायत कर रहें हैँ जिसका पुरे गाँव में ग्रामीणों द्वारा विरोध किया जा रहा हैँ ग्रामीणों का कहना हैँ की जो लोंग उचित मूल्य की दुकान धनगवां में फिर मल्हार धान खरीदी केंद्र में वर्ष 2013-14 2024-25 में करोड़ों का घोटाला किया अब वही ऊँगली उठा रहें हैँ।
ये लोंग भूल जाते हैँ कि जिनके घर खुद शिसे के हों वो दूसरे के घर में पत्थर नहीं मारा करते अब मामला उल्टा हों गया हैँ जो गांव की शांति कों बर्बाद करने निकले थे उनका पुरे गाँव वालों नें विरोध करना शुरू कर दिया हैँ और इनका हीं शिकायत करना शुरू कर दिया हैँ ज्ञात हों कि मस्तूरी जनपद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला गाँव धनगवां और यहाँ का उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा हैँ।
राशन के बदले पैसा ग्रामीणों में आक्रोश..
बताते चलें कि कुछ लोंग पंचायत में चल रहें विकास कार्यों कि शिकायत कर रहें हैँ इसको लोंग बदले की शिकायत कह रहें हैँ यहाँ के ग्रामीण बताते हैँ की सरपंच पति जितेन्द्र टंडन नें ग्रामीणों के साथ यहाँ की उचित मूल्य की दुकान में हों रही भ्रष्टाचार कों लेकर शिकायत कर दिया था और अधिकारी भी जाँच में उसको सहीं पाए जिसके बाद उसको निलंबित कर दिया गया ग्रामीण बताते हैँ की जो समिति इस उचित मूल्य की दुकान कों चला रही थी उसमे संतु यादव के घर से हीं अध्यक्ष सचिव दोनों हैँ और विक्रेता संतु यादव खुद था जाँच में ये बात भी सामने आई हैँ कि संतु यादव नें लोंगो कों चांवल के बदले पैसे दिए थे तो सवाल ये हैँ कि इन ग्रामीणों के हिस्से का राशन कौन खा गया जो इनकों चांवल के बदले पैसा देना पड़ रहा हैँ।
अब संतु यादव जो पहले धनगवां के पूर्व सरपंच श्याम बाई यादव का पूरा काम देखते थे इनकी मुशीबत बढ़ने वाला हैँ इनके द्वारा पूर्व में कराए गए कार्यों के बाद जब इनके कार्यकाल के बाद सरपंच बना मतलब जितेन्द्र टंडन तब हिसाब किताब में कुछ रिकवरी की राशि बची थी जिसको लेकर अब वर्तमान सरपंच पति जितेन्द्र टंडन नें मोर्चा खोल दिया हैँ।
जितेन्द्र बतातें हैँ की इनके कार्यकाल का पूरा काला चिठ्ठा निकलने वाला हैँ और इसकी भी शिकायत हों सकती हैँ क्यों की जिस तरह से इनका रिकॉर्ड रहा हैँ उसको देखते हुए वर्तमान सरपंच पति जितेन्द्र टंडन नें अब कमर कस लिया हैँ और हर उस काम की शिकायत की जाएगी जहाँ भ्रष्टाचार की खुशबु आ रही हैँ जो पैसा जनता और गाँव के विकास के लिए आया था उसका पूरा हिसाब देना पड़ेगा चाहे वो कोई भी इंसान हों और जहाँ जहाँ भ्रष्टाचार हुआ हैँ वहां वहां पूरा पंचायत इसकी शिकायत कर जाँच कराएगी और सरकार द्वारा जनता के विकास के लिए दिए गए फण्ड की एक एक रुपए की हिसाब होगा और जनता के विकास के लिए आए फण्ड का जनता के विकास में हीं लगाएंगे।
मालूम हों की संतु यादव द्वारा धनगवां में उचित मूल्य की दुकान का संचालक किया जा रहा था पर ग्रामीणों नें राशन वितरण में अनियमित्ता कों लेकर शिकायत किया था जिसके बाद जाँच में आए अधिकारियों नें जाँच उपरांत उनको निलंबित कर दिया और धनगवां में विवाद की शुरुआत हुई बतातें चलें कि इससे पहले भी एक बार ज़ब संतु यादव उचित मूल्य कि दुकान के संचालक थे तब भी शिकायत हुआ था और इनकों निलंबित किया गया था तब भी शिकायत के बाद हीं कार्रवाई हुई थी पर उस समय विवाद इतना नहीं बढ़ा था।




