CG Breaking News: CG के इस शहर में गहराने लगा तेल संकट, 13 पेट्रोल पंप हुए ड्राई, कई जगह लगे ‘नो स्टॉक’ बोर्ड, अब लोगों की बढ़ने लगी चिंता….

बिलासपुर। खाड़ी देशों में दिनोंदिन खराब हो रही परिस्थितियों का असर अब छत्तीसगढ़ के शहरों व ग्रामीण इलाकों में संचालित पेट्रोल व डीजल पंपों पर देखने को मिल रहा है। शहर के भीतर, आउटर के अलावा अब एनएच व स्टेट हाईवे पर संचालित पंप भी ड्राई होने लगा है। सबसे ज्यादा असर HPCL के पंपों पर देखा जा रहा है। BPCL के पंप में डीजल-पेट्रोल की कमी हो गई है। IOCL के कुछ पंप ड्राई हुए हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षाकृत जल्दी सप्लाई मिल जा रही है।
बिलासपुर-कोरबा मार्ग पर संचालित पंपों की स्थिति ज्यादा खराब है। उसलापुर, कोनी, सेंदरी, सकरी और घुटकू के कई पंपों से लोग बिना तेल लिए लौट रहे हैं। शहर के प्रमुख पेट्रोल पंप के साथ ही जिले के पेट्रोल पंप में भी इन दिनों पेट्रोल-डीजल संकट गहराता नजर आ रहा है। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लग गए हैं, जबकि कई पंप पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं। लोगों को पेट्रोल पंपों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बुधवार को टैंकर नहीं आने के कारण ज्यादातर सर्विस स्टेशनों में यही हालत रही। पंप संचालकों ने तेल कंपनियों को भुगतान कर दिया है, जिसके बाद डिपो से टैंकर रवाना किए गए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि ऐसे पंपों पर जल्द आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
हालात ऐसा, जिन पंपों में पेट्रोल-डीजल बचा है, वहां भी कटौती शुरू हो गई है। लोग अब सामान्य से ज्यादा पेट्रोल डलवा रहे हैं। कई जगह वाहन चालकों की लाइन लग रही है। हालांकि, प्रशासन का दावा है, जिले में पांच दिन का स्टॉक मौजूद है और गुरुवार तक स्थिति संभल सकती है।
टैगोर चौक, पुलिस पेट्रोल पंप, सीपत चौक और बैमा-नगोई चौक के पंपों पर बुधवार को सामान्य दिनों से ज्यादा भीड़ दिखी। कर्मचारियों का कहना है, लोग पहले से ज्यादा पेट्रोल मांग रहे हैं। कई वाहन चालक साफ कह रहे हैं, अगर बाकी पंप भी बंद हो गए तो परेशानी बढ़ जाएगी, इसलिए पहले से टंकी फुल करवा रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों पर राशनिंग
ग्रामीण इलाकों के पंप संचालकों ने अपने स्तर पर बिक्री सीमित कर दी है। बाइक चालकों को 500 की जगह 200 रुपए तक का पेट्रोल दिया जा रहा है। कार वालों को 1000 रुपए और बड़े वाहनों को सीमित डीजल मिल रहा है।
संचालकों का कहना है, एडवांस पेमेंट के बाद भी सप्लाई दो से तीन दिन की देरी से मिल रही है। पंप संचालकों के मुताबिक एचपीसीएल के पंपों में सबसे ज्यादा दिक्कत है। बीपीसीएल के पंप भी प्रभावित हैं।
ट्रांसपोर्टरों में चिंता, बस-एम्बुलेंस सेवा सामान्य
स्थिति का असर अभी तक एम्बुलेंस और बस सेवाओं पर नहीं पड़ा है, लेकिन ट्रांसपोर्ट कारोबार में आंशिक असर की चर्चा शुरू हो गई है। खासकर बिलासपुर-कोरबा रूट पर डीजल सप्लाई कमजोर होने से मालवाहक वाहन संचालक चिंतित हैं।
कुछ तेल कंपनियों ने हालात को देखते हुए सप्लाई नियंत्रण के लिए नई व्यवस्था लागू की है। कई पंपों पर एक बार में सीमित मात्रा में ही ईंधन देने के निर्देश दिए गए हैं। कहीं 40 लीटर तो कहीं 50 लीटर तक की सीमा तय की गई है।
बताया जा रहा है कि इसका उद्देश्य कालाबाजारी रोकना और अधिक से अधिक लोगों तक ईंधन पहुंचाना है। हालांकि, इस व्यवस्था से बड़े वाहन संचालकों और ट्रांसपोर्टरों की परेशानी बढ़ गई है।
कमर्शियल डीजल के दाम बढ़े, इसलिए बढ़ रहा दबाव
यह भी जानकारी मिली है, कमर्शियल पंपों में डीजल की कीमतें बढ़ने के बाद भारी वाहन संचालक सामान्य पेट्रोल पंपों से कम दाम में डीजल भरवा रहे हैं। इससे सामान्य पंपों पर दबाव कई गुना बढ़ गया है। कुछ पंप संचालक भी रेट बढ़ाकर कमर्शियल वाहनों को तेल दे रहे, जिससे समस्याएं बढ़ी हैं। जिसे रोकने के लिए कोटा सिस्टम किया जा रहा है।
दो दिनों के भीतर स्थिति हो जाएगी सामान्य
फूड कंट्रोलर अमृत कुजूर ने बताया, शहर के 9 पंप संचालकों का पेमेंट हो चुका है और उन्हें जल्द सप्लाई मिल जाएगी। चार सर्विस स्टेशनों का भुगतान लंबित है। ऑयल कंपनियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और एक-दो दिन में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
कलेक्टर ने बुलाई ऑयल कंपनियों और पेट्रोल पंप एसोसिएशन की बैठक
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा है, जिले में फिलहाल ज्यादा शॉर्टेज नहीं है, तेल कंपनियों के माध्यम से सप्लाई बहाल करने की प्रक्रिया जारी है। इस सिलसिले में कलेक्टर ने आज ऑयल कंपनियों और पेट्रोल पंप एसोसिएशन की बैठक बुलाई है। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष नवदीप सिंह अरोरा का कहना है, कुछ पेट्रोल पंप ड्राई होने की सूचना मिली है, लेकिन स्थिति चिंताजनक नहीं है। कुछ पंपों को देर रात या फिर गुरुवार को पेट्रोल-डीजल मिल जाएगा। शहर का गंगा फ्यूल्स पहले से बंद है, जबकि नेहरू चौक का पंप तीन बार ड्राई हो चुका है। देवकीनंदन चौक का पंप भी एक माह से बंद है। बुधवार को आउटर के कई पंपों में अचानक पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया। कुछ पंप तीन दिन से सूखे पड़े हैं।



