गंगरेल से आगे बढ़ेगी धमतरी की पहचान, रुद्रेश्वर कॉरिडोर और महानदी उद्गम स्थल पर फोकस…!

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने पर्यटन समितियों की बैठक में दिए विकास और व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश…
धमतरी…कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला पर्यटन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की विभिन्न पर्यटन समितियों के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के साथ पर्यटन स्थलों के विकास, व्यवस्थाओं के विस्तार और प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि जिले की पर्यटन समितियां पर्यटन के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही हैं। वर्तमान में धमतरी जिला मुख्य रूप से गंगरेल डैम के नाम से प्रसिद्ध है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन आने वाले समय में धमतरी की पहचान रुद्रेश्वर कॉरिडोर, महानदी उद्गम स्थल और फैमिली आईलैंड जैसे आकर्षक पर्यटन स्थलों के रूप में भी स्थापित होगी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा इन स्थलों के समग्र विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जा रहा है।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि पर्यटन समितियों को अधिक सुंदर, व्यवस्थित, आकर्षक और सुविधायुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने समितियों से पंजीयन संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी लेते हुए सभी पर्यटन समितियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय होने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया प्रचार-प्रसार का सबसे प्रभावी माध्यम है, इसलिए सभी समितियां अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर पर्यटन गतिविधियों, स्थानीय आकर्षणों और सुविधाओं का नियमित प्रचार करें।
बैठक में होमस्टे, बोटिंग, लाइटिंग, साइन बोर्ड, डिस्प्ले बोर्ड एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने समितियों से पर्यटन स्थलों पर पार्किंग, साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। ताकि आने वाले पर्यटक यंहा से अच्छी यादें लेकर जाए। उन्होंने कहा कि सभी पर्यटन समितियां आपसी समन्वय और सहभागिता के साथ कार्य करें ताकि जिले में पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा मिल सके।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कोटाभरी क्षेत्र में बंबू राफ्टिंग निर्माण हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। बैठक में पर्यटन स्थलों के बेहतर संचालन के लिए पंजीकरण, क्यूआर भुगतान प्रणाली, उपविधि एवं नियम-विनियम, पार्किंग सुविधा, भूमिका एवं जिम्मेदारी निर्धारण, ड्यूटी चार्ट, साइन बोर्ड एवं डिस्प्ले, पर्यटन स्थलों की पहचान, दर सूची एवं सेवा शुल्क जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर, वनमंडलाधिकारी श्री कृष्णा यादव, अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा देवहरी, एसडीएम धमतरी श्री पीयूष तिवारी, एसडीएम नगरी श्रीमती प्रीति दुर्गम, डिप्टी कलेक्टर डॉ. कल्पना ध्रुव सहित जिले की विभिन्न पर्यटन समितियों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में शामिल प्रमुख समितियों में नरहरा जलप्रपात सहकारी समिति, इको टूरिज्म एवं हिलर सहकारी समिति जबर्रा, इको टूरिज्म सहकारी समिति मुरूमसिल्ली, श्री मुचकुंद ऋषि पर्यटन सहकारी समिति, महानदी पर्यटन सहकारी समिति सिहावा, इको टूरिज्म गंगरेल समिति, ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन गंगरेल तथा रुद्रेश्वर पर्यटन विकास सहकारी समिति रुद्री, है निराई माता पर्यटन समिति मोहेरा, पवई मात वाटर टूरिज्म समिति मगर लोड, तिर्रा ग्राम पार्टी समिति शामिल रहीं।