

छत्तीसगढ़ धमतरी जिले के ग्राम खरेंगा स्थित महानदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन के दौरान दफ्न नर कंकाल बाहर आने के मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है। मामले को अवैध रेत उत्खनन, मनमानी खुदाई और रेत माफियाओं की गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है। घटना सामने आने के बाद अब प्रशासन भी हरकत में आ गया है और अवैध उत्खनन में शामिल वाहनों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम खरेंगा में लंबे समय से अवैध तरीके से रेत उत्खनन और परिवहन किया जा रहा था। इसी दौरान खुदाई में पूर्व में दफन किए गए नर कंकाल बाहर निकलने लगे। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मामले का विरोध शुरू कर दिया। लोगों का आरोप है कि रेत माफिया श्मशान घाट क्षेत्र तक में मनमाने ढंग से खुदाई कर रहे थे, जिसके चलते यह गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए खनिज विभाग, राजस्व अमला और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त 05 ट्रैक्टर वाहनों को जप्त किया गया। हालांकि कार्रवाई के दौरान ट्रैक्टर चालक मौके से फरार बताए जा रहे हैं। संबंधित वाहन संचालकों के खिलाफ खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जिले में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है तथा भविष्य में भी इस प्रकार की गतिविधियों पर सख्ती से नियंत्रण रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्राम खरेंगा में शिकायत मिलते ही प्रशासन ने संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ संयुक्त जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की है।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि ग्रामीणों की भावनाओं और सामाजिक संवेदनशीलता का सम्मान करते हुए खुदाई में बाहर आए कंकालों को प्रशासन द्वारा पुनः सुरक्षित तरीके से दफनाने की व्यवस्था कराई गई है। वहीं क्षेत्र के खनि निरीक्षक को लापरवाही के चलते शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही संबंधित फर्म की गौण खनिज साधारण रेत भंडारण अनुज्ञा स्वीकृति भी निरस्त कर दी गई है। प्रशासन द्वारा कुछ रेत खदानों का सीमांकन भी कराया जा रहा है।
खनिज अधिकारी ने बताया कि जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने के लिए खनिज उड़नदस्ता दल लगातार कार्रवाई कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के कुल 108 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 29 लाख 51 हजार 560 रुपये की शास्ति राशि जमा कराई गई है।
फिलहाल इस पूरे मामले के सामने आने के बाद प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है, लेकिन घटना ने एक बार फिर जिले में अवैध रेत उत्खनन और रेत माफियाओं के बढ़ते प्रभाव पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।



