
धमतरी में कथित गौ मांस बरामदगी के मामले के बाद प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। साल्हेवारपारा वार्ड के गाड़ापारा इलाके में नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची, लेकिन कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया, जिसके बाद पुलिस को स्थिति संभालनी पड़ी।
भारी पुलिस बल और निगम अमले की मौजूदगी में गाड़ापारा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। बुलडोजर और अन्य संसाधनों के साथ पहुंची टीम ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की, प्रभावित परिवारों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि उन्हें मकान खाली करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया।
विरोध के कारण कुछ देर के लिए बुलडोजर की कार्रवाई रोकनी पड़ी, लेकिन निगम अमला मौके पर मौजूद रहा और अन्य माध्यमों से अतिक्रमण हटाने का काम जारी रखा गया। प्रशासन ने साफ किया कि पूरी कार्रवाई नियमानुसार और पूर्व में जारी नोटिस के आधार पर की जा रही है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार गाड़ापारा क्षेत्र में करीब आठ मकान अतिक्रमण की श्रेणी में पाए गए हैं, जिन्हें हटाने की प्रक्रिया चल रही है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को तैनात रखा गया है।
दरअसल, 11 जून को हिंदू जागरण मंच ने पुलिस को सूचना दी थी कि इलाके में कथित रूप से गौ मांस काटा जा रहा है। सूचना पर पुलिस और संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी, जहां से लगभग 86 किलो पशु मांस बरामद किया गया था। मामले की जांच जारी है।
पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बरामद मांस के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद मांस गाय का था या किसी अन्य पशु का। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है
गौ मांस बरामदगी के मामले के बाद शुरू हुई प्रशासनिक कार्रवाई अब विवाद का विषय बन गई है। एक ओर प्रशासन इसे नियमों के तहत की जा रही कार्रवाई बता रहा है, वहीं प्रभावित लोग इसे अन्यायपूर्ण करार दे रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक फैसलों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।



