
छत्तीसगढ़ धमतरी/गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन विभाग और डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस यानी DRI की संयुक्त कार्रवाई में नारकोटिक्स तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। दो अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल करीब 79 किलोग्राम संदिग्ध नारकोटिक पदार्थ जब्त किया गया है। मामले में कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर आगे की जांच की जा रही है।
वन विभाग के मुताबिक, 10 सितंबर की सुबह बोराई वन जांच चौकी की टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान ओडिशा के नबरंगपुर की ओर से सीतानदी रेंज के कोर एरिया में एक मोटरसाइकिल से अनधिकृत रूप से प्रवेश कर रहे दो लोगों को रोका गया। दोनों के पास एक बड़ा बैग था।
इसके बाद बिरनासिल्ली चौकी पर बैरिकेडिंग कर बैग की जांच की गई, जिसमें करीब 31 किलोग्राम संदिग्ध नारकोटिक पदार्थ और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नबरंगपुर क्षेत्र में नारकोटिक्स और वन्यजीव तस्करी के संभावित संबंधों को लेकर पहले से खुफिया इनपुट मिले थे। इसी जब्ती के आधार पर 11 सितंबर को DRI मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ और उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की।
संयुक्त टीम ने ओडिशा के नबरंगपुर जिले के धांध्रा और मेंत्री क्षेत्र में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान दो कथित पेडलरों—प्रह्लाद, निवासी काशागुड़ा, जिला कोरापुट और बिमल कुमार माझी, निवासी मेंत्री, जिला नबरंगपुर—को करीब 48 किलोग्राम संदिग्ध पदार्थ और एक स्कूटी के साथ हिरासत में लिया गया।
दोनों कार्रवाइयों में जब्त पदार्थ की कुल मात्रा करीब 79 किलोग्राम बताई जा रही है। फिलहाल मामले में जांच जारी है और एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा तस्करी के संभावित रूट की जानकारी जुटाने में लगी हैं,वन विभाग और DRI की इस संयुक्त कार्रवाई को नारकोटिक्स तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।



