नक्सल प्रभावित बस्तर में तिरंगे की शान,नारायणपुर से शुरू हुई बस्तर तिरंगा यात्रा, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने बाइक चलाकर किया नेतृत्व, 14 अगस्त को कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर होगा समापन।

नारायणपुर/बस्तर में शांति,एकता और राष्ट्र निर्माण का संदेश लेकर बुधवार को नारायणपुर जिला मुख्यालय स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान से ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा तथा वन मंत्री एवं नारायणपुर विधायक केदार कश्यप ने बाइक पर तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व किया। विभिन्न समाज प्रमुखों ने यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यात्रा के शुभारंभ अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने यात्रा में शामिल बच्चों एवं युवाओं से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास के नए दौर का संदेश दिया।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह यात्रा उन क्षेत्रों से होकर गुजरेगी,जो लंबे समय तक नक्सली हिंसा से प्रभावित रहे हैं। नारायणपुर से यात्रा शुरू करने का उद्देश्य देश और दुनिया को यह संदेश देना है कि बस्तर अब नक्सलवाद से निकलकर शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि यात्रा का समापन 14 अगस्त को बीजापुर जिले की कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर तिरंगा फहराकर किया जाएगा।
शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में माओवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि बस्तर के दुर्गम क्षेत्रों में अब राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा शान से लहरा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर संभाग के 90 से अधिक ऐसे गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा, जहां आजादी के बाद लंबे समय तक राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया जा सका।
उन्होंने कहा कि तिरंगे का फहरना केवल राष्ट्रभक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत उपस्थिति का भी संदेश है।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में अब लोगों को सड़क, शिक्षा, कौशल विकास,रोजगार, लघु वनोपज के प्रसंस्करण और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
उन्होंने कहा कि बस्तरवासियों के मन में अब भय की जगह आत्मविश्वास पैदा हुआ है। बस्तर के लोग देश-दुनिया में अपनी नई पहचान बनाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
वन मंत्री एवं नारायणपुर विधायक केदार कश्यप ने कहा कि जिन क्षेत्रों को कभी नक्सल गतिविधियों का केंद्र माना जाता था,आज उन्हीं इलाकों से तिरंगा यात्रा निकल रही है। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान उन स्थानों की मिट्टी एकत्र की जाएगी, जहां जवानों और नागरिकों ने देश की रक्षा में शहादत दी। इस मिट्टी का उपयोग भविष्य में बनने वाले स्मारक में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास और समृद्धि की राह पर आगे बढ़ रहा है।
12 से 14 अगस्त तक चलने वाली यह यात्रा बस्तर के अति-संवेदनशील और भीषण माओवादी प्रभाव वाले क्षेत्रों से होकर गुजरेगी।पहले दिन नारायणपुर से शुरू होकर यात्रा मुंजमेटा, झारागांव,धौड़ाई, कन्हारगांव,कड़ेनार,बोदली, सातधार और बारसूर होते हुए दंतेवाड़ा पहुंची।
दूसरे दिन यात्रा दंतेवाड़ा से सुकमा और बीजापुर जिले के विभिन्न नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। तीसरे दिन बीजापुर से आवापल्ली,उसूर,गलगम,नंबी और ताड़पाला होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी पहुंचेगी,जहां तिरंगा फहराकर यात्रा का समापन होगा।
इस अवसर पर लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम,जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम,नगर पालिका अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल,जनप्रतिनिधि राहुल टिकरिया,संध्या पवार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं युवा उपस्थित रहे। वहीं कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बद्री नारायण मीणा,कलेक्टर नम्रता जैन,एसपी संदीप कुमार पटेल,जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो,डीएफओ डॉ. वेंकटेशा एमजी और अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई सहित प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे।



