छत्तीसगढ़

CG – आरक्षक निलंबित : SP ने की बड़ी कार्रवाई, आरक्षक को किया सस्पेंड, इस वजह से गिरी निलंबन की गाज, जाने पूरा मामला…..

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस कस्टडी से आरोपी के फरार होने का मामला सामने आया है। मुलमुला थाना में अवैध शराब बिक्री के मामले में गिरफ्तार आरोपी पुलिस की निगरानी से भाग निकला। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले में लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने आरोपी की निगरानी में तैनात आरक्षक को निलंबित कर दिया है। जानकारी के अनुसार फरार आरोपी की पहचान फनेंद्र सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे अमोरा गांव में अवैध शराब बिक्री के मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मुलमुला थाना लाया गया था, जहां उसे पुलिस कस्टडी में रखा गया था।

आरोपी की निगरानी की जिम्मेदारी आरक्षक ओम प्रकाश डहरिया को सौंपी गई थी। बताया जा रहा है कि आरोपी 22 अगस्त की सुबह करीब 3 बजे से 6 बजे के बीच थाना परिसर से फरार हो गया। जब पुलिसकर्मियों को आरोपी के गायब होने की जानकारी मिली तो थाने में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी। पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और आरोपी के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी किस तरह थाना परिसर से बाहर निकलने में सफल हुआ।

मामले में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए निगरानी में तैनात आरक्षक ओम प्रकाश डहरिया को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में आरक्षक को रक्षित केंद्र जांजगीर से संबद्ध किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के फरार होने की पूरी घटना की जांच की जा रही है। जांच के बाद यह स्पष्ट हो पाएगा कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई और आरोपी किस परिस्थिति में पुलिस कस्टडी से भागने में सफल रहा।

अवैध शराब बिक्री के मामले में गिरफ्तार आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस कस्टडी में रखे गए आरोपियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जाते हैं, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी फनेंद्र सिंह की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों, संपर्कों और रिश्तेदारों से जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस घटना के बाद पुलिस विभाग ने भी सभी थानों में कस्टडी में रखे गए आरोपियों की निगरानी व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।

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