CG – करंट के झटके बने काल : 8 साल मासूम साइकिल से उछलकर नाली में जा गिरा, मौके पर हो गई मौत, करंट के झटके से झूलस गया था शरीर……

सरगुजा। साइकिल चला रहे आठ साल का मासूम खुले बिजली तार के संपर्क में आ गया। करंट के तेज झटके से वह साइकिल से उछलकर सीधे नाली में जा गिरा। परिजनों व मोहल्लेवासी अस्पताल लेकर गए। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई थी। मासूम का शरीर करंट के झटके कारण झूलस गया था।
उत्तर छत्तीसगढ़ अंबिकापुर शहर के नमाकला पानी टंकी और कार्मेल स्कूल के पास बिजली कंपनी की घोर लापरवाही ने एक आठ साल के मासूम की जान ले ली। साइकिल चला रहा बच्चा ट्रांसफार्मर से निकले खुले तार में प्रवाहित करंट की चपेट में आ गया। करंट के जोरदार झटके से नाली में गिरे बच्चे को मोहल्लेवासियों ने तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
नमाकला पानी टंकी और कार्मेल स्कूल के पास रहने वाले चिंटू सिंह का आठ वर्षीय पुत्र चिराग सिंह कक्षा दूसरी में पढ़ता था। रक्षाबंधन के दिन घर के पास साइकिल चला रहा था। उसी जगह पर बिजली कंपनी का एक ट्रांसफार्मर लगा है। ट्रांसफार्मर से निकला एक तार खुला पड़ा था और उसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। साइकिल चलाते-चलाते चिराग अचानक उस खुले तार के संपर्क में आ गया।
करंट का तेज झटका लगने से वह उछलकर पास की नाली में जा गिरा। यह नजारा देख आसपास मौजूद लोग दौड़े और तुरंत उसे ऑटो में लेकर परिजन और मोहल्लेवासियों के साथ मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। इलाज से पहले ही मौत हो थी। जैसे ही चिकित्सक ने बच्चे की मौत की जानकारी दी, स्वजन बेसुध हो गए। बालक के पूरे शरीर में करंट से झुलसने के निशान उभर आए थे।
मोहल्लेवासियों ने बताया कि पानी टंकी के पास लगा ट्रांसफार्मर पूरी तरह से असुरक्षित है। न तो उसकी फेंसिंग है और न ही सुरक्षा जाली। तार खुले लटके रहते हैं। अंबिकापुर शहर में बिजली वितरण व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। कई स्थानों पर बिजली के तार असुरक्षित तरीके से लटक रहे हैं। अधिकांश ट्रांसफार्मरों की स्थिति खतरनाक है, ट्रांसफार्मर खुले पड़े हैं।



