
सांकरा से दुगली-सिंगपुर तक चल रहे नहर लाइनिंग कार्य में पैचवर्क वाले हिस्सों में दोबारा दरारें, गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने जताई चिंता
धमतरी नगरी…सांकरा से दुगली-सिंगपुर तक करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे नहर लाइनिंग एवं मरम्मत कार्य को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। निर्माण कार्य के शुरुआती दौर में ही लाइनिंग में दरारें और कंक्रीट फटने की शिकायतें सामने आई थीं। उस समय गुणवत्ता संबंधी खामियों की तकनीकी जांच कराकर स्थायी सुधार करने के बजाय कई स्थानों पर दरारों में सीमेंट भरकर और पैचवर्क कर मरम्मत किए जाने का खबर सामने आई थी।
अब वही पैचवर्क किए गए हिस्से दोबारा दरकने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जहां-जहां दरारों को तोड़कर नए सिरे से निर्माण करने के बजाय केवल मरम्मत की गई थी, वहां सूखने के बाद फिर से दरारें उभर आई हैं। इससे निर्माण की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार जिस नहर का निर्माण किसानों को लंबे समय तक बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है, उसी परियोजना में शुरुआत से ही गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।
जिन जिन लाईनिग पर दरारे है उन्हे पूरा तोड कर फिर से नये बनाने के बजाये अधिकारी ठेकेदार को फायदा पहुचाने सिर्फ दरारे को ही मरम्मत कर रहे जो पहले से भी भयावह हो रही ऐसे निर्माण कार्य को जाच कर दोसियो पर कार्यवाही कर लाईनिग निर्माण को फिर से नई बनानी चाहीये ।
इससे ग्रामीणों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि यदि निर्माण पूरी गुणवत्ता और मानकों के अनुसार हुआ है, तो फिर काम पूरा होने से पहले ही पैचवर्क और मरम्मत की जरूरत क्यों पड़ रही है? और उसी पेच वर्क मे फिर से दरारे किसानों का कहना है कि यह सिर्फ ऊपर से दिखाई देने वाली दरारों का मामला नहीं, बल्कि पूरी निर्माण गुणवत्ता से जुड़ा गंभीर विषय है।



