CG – लॉज के कमरे में मिली ट्रांसपोर्टर की लाश, दादी के लिए इलाज के लिए आया था बिलासपुर, सुसाइड नोट में लिखा माफ करना मम्मी-पापा.…..

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के दीपका निवासी एक 25 वर्षीय ट्रांसपोर्टर ने बिलासपुर के पुराना कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित शारदा लॉज में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान प्रतीक जायसवाल के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे की जांच के दौरान एक सुसाइड नोट बरामद किया।
सुसाइड नोट में प्रतीक ने लिखा कि वह पिछले 7-8 महीनों से डिप्रेशन और मानसिक तनाव से जूझ रहा था। उसने अपने माता-पिता से माफी भी मांगी है। बताया जा रहा है कि प्रतीक अपनी दादी के इलाज के सिलसिले में बिलासपुर आया था। इसी दौरान उसने लॉज के कमरे में यह खौफनाक कदम उठा लिया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सुसाइड नोट को जांच में शामिल करते हुए पुलिस युवक के आत्महत्या के पीछे की वजहों का पता लगाने में जुटी है।
फिलहाल आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रतीक की दादी बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी देखरेख के लिए वह कोरबा से बिलासपुर आया था। रविवार को उसका छोटा भाई भी बिलासपुर पहुंचा। तीन-चार दिन से अस्पताल में रहने के कारण उसने प्रतीक को घर जाने के लिए ऑटो में बैठाया, लेकिन वह घर जाने के बजाय पुराना बस स्टैंड स्थित शारदा लॉज पहुंच गया। वहां कमरा बुक कराने के बाद रात में वहीं रुका।
सुबह लॉज के कमरे का दरवाजा बंद मिला। प्रतीक के घर नहीं पहुंचने पर परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से उन्हें प्रतीक के शारदा लॉज में होने की जानकारी मिली। परिजन तत्काल लॉज पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा खुलवाया। कमरे के भीतर प्रतीक का शव फंदे पर लटका मिला। पुलिस शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए सिम्स रवाना किया।
सुसाइड नोट में लिखा, मम्मी-पापा माफ करना
जांच के दौरान पुलिस को कमरे से सुसाइड नोट मिला। इसमें प्रतीक ने लिखा कि वह पिछले 7-8 महीने से डिप्रेशन में था और काफी तनाव में था। उसने लिखा, “इसलिए फांसी लगाकर आत्महत्या कर रहा हूं। मम्मी-पापा मुझे माफ करना। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। परिजनों से पूछताछ कर आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है।



