छत्तीसगढ़

CG – उम्र 101 साल लेकिन न आंखों में चश्मा न हाथों में लाठी का सहारा..! स्वस्थ जीवन की मिशाल बनी सदी पार की यह दादी रोजाना करती लम्बी शैर पढ़े पूरी ख़बर

कोरबा//उम्र महज एक आंकड़ा है, इस बात को सच कर दिखाया है पाली ब्लाक के ग्राम पोड़ी निवासी 101 वर्षीय सुहावन बाई जायसवाल ने। जिस उम्र में लोग बिस्तर पर दूसरों के सहारे होते हैं, अपनी उम्र के इस पड़ाव पर भी सुहावन बाई न केवल पूरी तरह स्वस्थ है, बल्कि बिना चश्मे के सब देख लेती है और बिना लाठी के पूरे मोहल्ले को घूम लेती है। चेहरे पर झुर्रियां जरूर हैं लेकिन चाल में आज भी वही पुराना आत्मविश्वास है, जो इस उम्र में दुर्लभ है।

सुहावन बाई आज पोड़ी क्षेत्र के लिए किसी अजूबे से कम नही है। 101 साल की इस पड़ाव में भी उनकी आंखों पर चश्मा नही है, हाथों में सहारे के लिए लाठी नही है और चेहरे पर उम्र की थकान नही, बल्कि एक संतोष भरी मुस्कान है। गांव वालों के अनुसार सुहावन बाई सौ साल पार है फिर भी उनकी घुटनो में दम है और आज भी रोजाना सुबह- शाम अपने आस- पड़ोस और पूरे मोहल्ले में 2 से 3 किलोमीटर पैदल घुमंती है। न थकान, न हांफना। उनकी दिनचर्या आज भी गांव की युवा महिलाओं को पीछे छोड़ देती है। सुहावन बाई का भरा- पूरा परिवार पांच पीढ़ियों की साक्षी है जो उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उनके 4 पुत्र व 4 पुत्रियों के 5 नातियों और 6 नातिनों का विवाह हो चुका है तथा यह हौसले वाली दादी उन नाती- नातिनों के भी 9 बच्चों को अपनी गोद मे खिला चुकी है।

यानी वह एक ही जीवन मे अपने परिवार की पांच पीढ़ियों को देख चुकी हैं, जो अपने आप मे एक सौभाग्य और रिकार्ड है। परिवार के लोग बताते हैं कि सुहावन बाई ने अपने जीवन मे कभी आलस नही किया, सादा खानपान, समय पर सोना- जागना और हमेशा खुश रहना ही उनकी लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य का राज है। ऐसे में सुहावन बाई गांव के लिए प्रेरणा है, क्योंकि आज के दौर में जब 50- 60 साल में ही लोग बीमारियों से घिर जाते हैं, चश्मा, लाठी और दवाइयों के सहारे जीवन काटते हैं, तो वहीं 101 साल की यह दादी पूरे क्षेत्र के लिए स्वस्थ, संयमित और सक्रिय जीवन की जीवंत बन गई है और गांव के युवा उन्हें देखते हैं तो कहते हैं- दादी ने तो उम्र को ही मात दे दिया। निश्चित ही पोड़ी की इस सदी पार दादी की कहानी बताती है कि अगर जीवनशैली अच्छी हो और मन मे संतोष हो तो 100 साल भी कम लगते हैं।

Related Articles

Back to top button