CG – मूसलाधार बारिश के बीच प्रशासन की तत्परता से टली बड़ी अनहोनी मस्तूरी के रिस्दा में बाढ़ में फंसे 25 ग्रामीण SDRF ने निकाले सुरक्षित पढ़े पुरी ख़बर
बिलासपुर,मस्तूरी//लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मस्तूरी तहसील के ग्राम रिस्दा में बाढ़ जैसे हालात बन गए। गांव के 25 लोग चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरकर फंस गए थे। स्थिति गंभीर थी, लेकिन प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और SDRF की मुस्तैदी से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
कैसे फंसे थे ग्रामीण…
शुक्रवार को तेज बारिश के कारण ग्राम रिस्दा के निचले इलाकों में पानी भर गया। देखते ही देखते 25 ग्रामीण अपने घरों में बाढ़ के पानी से घिर गए। आने-जाने के सभी रास्ते बंद हो गए थे और स्थिति हर पल बिगड़ रही थी। बताते चलें कि लीलागर नदी का जलस्तर काफी तेजी से बढा और एक समय ऐसा आया जब पुल के कई फिट ऊपर से पानी बहने लगा जिसके कारण मस्तूरी मूलमुला मुख्य मार्ग बंद हो गया।
तत्काल शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन…
सूचना मिलते ही तहसीलदार मस्तूरी और तहसीलदार पचपेड़ी के नेतृत्व में राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
इस अभियान में:
– थाना प्रभारी मस्तूरी और पुलिस बल
– सरपंच ग्राम रिस्दा और राजस्व अमला
– SDRF की टीम ने पूरी मुस्तैदी और आपसी समन्वय के साथ काम किया।
तेज बहाव और फिसलन भरी स्थिति के बावजूद बचाव दल ने साहस दिखाते हुए एक-एक कर सभी 25 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। राहत कार्य के दौरान हर व्यक्ति की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई और पूरे अभियान को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया।
ग्रामीणों ने जताया आभार…
सुरक्षित निकाले जाने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता की जमकर सराहना की। ग्रामीणों ने कहा “अगर समय पर प्रशासन नहीं पहुंचता तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। SDRF, पुलिस और राजस्व टीम ने भगवान बनकर हमारी जान बचाई”।
अधिकारियों का बयान…
अधिकारियों ने बताया कि आपदा की घड़ी में प्रशासन, पुलिस, ग्राम पंचायत और SDRF के बेहतर समन्वय से ही इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सका।
प्रशंसा के पात्र…
इस सराहनीय अभियान में शामिल सभी अधिकारी, कर्मचारी, पुलिस बल, SDRF टीम और ग्राम रिस्दा के जनप्रतिनिधि बधाई के पात्र हैं।




