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छत्तीसगढ़

CG- अस्पताल से अचानक गायब हुआ युवक, 10 दिन बाद लौटा तो बताई ऐसी कहानी कि सब रह गए हैरान!

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक अस्पताल से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुआ युवक करीब 10 दिन बाद अपने घर लौट आया है। युवक की हालत बेहद खराब बताई जा रही है। घर लौटने के बाद उसने अज्ञात लोगों पर अपहरण कर बंधक बनाने और बेरहमी से मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। युवक के साथ इन 10 दिनों में क्या हुआ और वह किन परिस्थितियों में घर लौटा, इसे लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

पीड़ित युवक पीतम यादव ने आपबीती सुनाते हुए दावा किया है कि, उसे रायपुर से अगवा कर बिलासपुर के एक अज्ञात कमरे में चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था। इस दौरान जब उसने वहां से भागने की कोशिश की, तो अपहरणकर्ताओं ने उसकी बेरहमी से पिटाई की।

क्रूरता की हद पार करते हुए उसके पैर में चाकू घोंपा गया और लोहे के सरिये से उसे बुरी तरह पीटा गया। जैसे- तैसे कर युवक अपनी जान बचाकर वह से भाग निकाला। सोमवार को उसे वापस लौटने से परिवार ने राहत की सांस ली है। वहीं परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

बताया जा रहा है कि, पीड़ित पीतम यादव पिता चौतुराम यादव निवासी गरियाबंद रायपुर के बाल गोपाल अस्पताल में अपनी बहन और जीजा के साथ उसके बच्चे का इलाज कराने आए थेे। इसी दौरान 7 अक्टूबर की सुबह अस्पताल के पास एक अज्ञात युवक उससे मिला। युवक उसे घूमने के बहाने अस्पताल के किनारे ले गया। इसी दौरान एक अन्य युवक ने पीछे से उसके सिर पर लकड़ी से जोरदार वार कर दिया। हमले के बाद वह बेहोश हो गया।

पीतम ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि, जब उसे होश आया, तो वह बिलासपुर के एक बंद कमरे में था। उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह आखिर वहां कैसे पहुंचा और उसे किसने बंधक बनाया है। आरोपियों ने उसे करीब चार दिनों तक उसी कमरे में कैद रखा और इस दौरान उसके साथ लगातार मारपीट भी की गई। पीड़ित के मुताबिक, वह लगातार वहां से निकलने की कोशिश कर रहा था, लेकिन आरोपियों की सख्त निगरानी और पहरे के कारण शुरुआती दिनों में वह भागने में सफल नहीं हो पाया।

पीड़ित ने बताया कि, चार दिनों के बंधक बने रहने के बाद जैसे -तैसे कर आरोपियों के चंगुल के बाहर निकलकर बस स्टैंड पहुंचा और वहीं एक रात बिताई। अगली सुबह वह अभनपुर की ओर पैदल जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में एक परिचित व्यक्ति ने उसे पहचान लिया। परिचित ने युवक की हालत देखकर उसकी मदद की और उसे घर पहुंचाने की व्यवस्था की। पीतम के घर पहुंचने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।

परिजनों ने पीतम की हालत को देखाते हुए उसे इलाज के लिए राजिम के अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे धवलपुर पहुंचाया गया। घटना के बाद पीतम के परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। फिलहाल इस मामले की जांच कर रही है।

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