छत्तीसगढ़

CG सरकारी नौकरी लगवा देंगे कहकर ठगे थे 14 लाख, आरक्षक की पत्नी समेत 2 गिरफ्तार…

बैकुंठपुर। छात्रावास अधीक्षक पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर 14 लाख की धोखाधड़ीकरने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। गिरफ्तार आरोपियों में सरगुजा आईजी ऑफिस में पदस्थ आरक्षक की पत्नी व एक अन्य शामिल हैं। जबकि आरक्षक व भाजपा मजदूर संघ का प्रदेश अध्यक्ष भी ठगी के आरोपी हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। चारों ने मिलकर स्कूल के सफाई कर्मी को नौकरी लगवाने का झांसा देकर अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक विभिन्न बैंक खाते में 14 लाख रुपए जमा कराए थे। नौकरी नहीं लगने पर रुपए मांगने लगा तो उसे झूठे मामले में फंसाने और हत्या तक की धमकी दी गई थी। इसके बाद उसने मामले की रिपोर्ट कोतवाली बैकुंठपुर में दर्ज कराई थी।

कोरिया जिले के बैकुंठपुर कोतवाली अंतर्गत आमापारा निवासी स्कूल सफाई कर्मी संतोष कुमार सारथी ने 4 लोगों के खिलाफ थाने में 14 लाख रुपए ठगी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि आरक्षक की पत्नी (Constable wife) अनुराधा भगत एवं अन्य आरोपियों ने छात्रावास अधीक्षक की नौकरी लगवाने के नाम पर 14 लाख की धोखाधड़ी की है। नौकरी नहीं लगने के बाद पैसा वापस मांगने पर झूठे मामले में फंसाने व हत्या करने की धमकी दे रहे हैं।

शिकायत की जांच में पाया गया कि अनुराधा भगत, राजकुमार लकड़ा, जोखनलाल एवं बिलासपुर के अशोकनगर हीरा कॉम्प्लेक्स कार्यालय निवासी भाजपा मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रकाश अनंत ने छात्रावास अधीक्षक के पद पर नौकरी लगाने के नाम पर उससे 16 अप्रैल 2024 से 28 मार्च 2025 तक किश्तों में नकद एवं बैंक खाते के माध्यम से कुल 13.69 लाख की धोखाधड़ी की है।

मामले में पुलिस ने धारा 318(4), 351(3), 61(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया। इस दौरान आरोपी अनुराधा लकड़ा पति राजकुमार लकड़ा (32) कछार थाना धौरपुर सरगुजा हाल मुकाम बंगाली चौक बौरीपारा अंबिकापुर, जोखन लाल पिता स्व. बैजनाथ (61) सरभोका गोहला सरई थाना पटना हाल मुकाम बाबू कॉलोनी प्रेमाबाग बैकुंठपुर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। प्रकरण में फरार अन्य 2 आरोपियों की तलाश जारी है।

आईजी कार्यालय में कार्यरत आरक्षक, उसकी पत्नी आरोपी

पीडि़त ने बताया है कि आरोपी अनुराधा भगत का पति राजकुमार लकड़ा आईजी ऑफिस अंबिकापुर में आरक्षक है। साथ ही डॉ. प्रकाश अनंत प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भाजपा मजदूर संघ कार्यालय हीरा कॉम्पलेक्स अशोक नगर बिलासपुर निवासी हैं। महिला आरोपी अनुराधा का मायका ग्राम सरभोका गोल्हासरई तहसील पटना और उसकी पैतृक भूमि ग्राम आमापारा में है। इस वजह से वह महिला को अच्छे से जानता पहचानता है। उसी समय छात्रावास अधीक्षक भर्ती का विज्ञापन निकला था। उसने भी फॉर्म भरा था।

परिचित होने का उठाया फायदा

महिला आरोपी (Female accused) ने जान-पहचान का लाभ उठाकर उससे कहा कि तुम सफाई कर्मचारी हो, मैं तुम्हारा छात्रावास अधीक्षक के पद पर नौकरी लगवा दूंगी। इसके बदले 15 लाख रुपए देने होंगे। इसके बाद उसने कहा कि मैं इतनी राशि नहीं दे पाऊंगा, तब आरोपी ने कहा कि धीरे-धीरे देते जाना और जिस-जिस एकाउंट में बताऊंगी उसमें पैसा डाल देना। इसके बाद उसने 16 अप्रैल 2024 से 28 मार्च 2025 तक किश्तों में नकद एवं बैंक खाते के माध्यम से कुल 13.69 लाख भुगतान किया था।

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