छत्तीसगढ़

CG – उदईबंद के बच्चों को राहत की उम्मीद शासकीय प्राथमिक शाला को पूर्व माध्यमिक में उन्नयन की मांग शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को सरपंच कांति किरण पटेल नें लिखा पत्र पढ़े पूरी ख़बर

बिलासपुर//मस्तूरी विधानसभा के ग्राम उदईबंद में कक्षा 5वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर बच्चों के लिए उम्मीद की किरण जगी है। क्षेत्र में पूर्व माध्यमिक शाला न होने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने का हवाला देते हुए शासकीय प्राथमिक शाला उदईबंद को मिडिल स्कूल में उन्नयन करने की मांग उठी है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पत्र लिखकर स्वीकृति मांगी गई है।

क्या है मांग?

1. पत्र में लिखा गया है कि मस्तूरी अंतर्गत ग्राम उदईबंद में संचालित शासकीय प्राथमिक शाला को पूर्व माध्यमिक शाला में उन्नयन किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
2.बड़ी परेशानी क्षेत्र में कक्षा 5वीं के उपरांत पूर्व माध्यमिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में बच्चों को 6वीं के लिए 4-5 किमी दूर स्थित दूसरे गांवों के स्कूल जाना पड़ता है।
3. गरीब बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित दूरी ज्यादा होने से विशेषकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। लड़कियों के लिए तो दूर स्कूल जाना सुरक्षा की दृष्टि से भी मुश्किल है।

*ग्रामीणों का तर्क*
उदईबंद के साथ आसपास के गांव के 80-100 बच्चे हर साल 5वीं पास करते हैं। मिडिल स्कूल न होने से आधे से ज्यादा बच्चे आगे नहीं पढ़ पाते। “गांव में ही मिडिल स्कूल होगा तो ड्रॉपआउट रुक जाएगा। हमारा गांव शिक्षा में पिछड़ रहा है।

क्या कहा गया पत्र में…

सरपंच कांति किरण पटेल द्वारा पत्र में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से विनम्र अनुरोध किया गया है कि “ग्राम उदईबंद के शासकीय प्राथमिक शाला को पूर्व माध्यमिक शाला में उन्नयन किए जाने की स्वीकृति प्रदान करें, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके।”सरपंच नें बताया की बच्चों की इस सबसे बड़ी समस्या से उन्होंने बी.ई.ओं मस्तूरी विधायक मस्तूरी कों भी अवगत कराया हैँ जिससे जल्द से जल्द ये गाँव की सबसे बड़ी समस्या दूर हो सकें।

नियम क्या कहते हैं…

शिक्षा का अधिकार अधिनियम RTE के तहत 3 किमी के दायरे में मिडिल स्कूल होना अनिवार्य है। 5वीं के बाद 40 से ज्यादा बच्चे होने पर प्राथमिक शाला का उन्नयन किया जा सकता है। उदईबंद में दर्ज संख्या मानक के अनुरूप बताई जा रही है।

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