CG – चिल्हाटी दो मासूमों की जान पर भारी पड़े झोलाछाप सह तांत्रिक बिलासपुर स्वास्थ्य विभाग मौन झोलाछाप डॉक्टरों का अंधविश्वास का कारोबार जानें पूरा मामला पढ़े पूरी ख़बर
मस्तूरी//विधानसभा के ग्राम चिल्हाटी में दो मासूम बच्चों की तालाब में डूबने से हुई मौत ने एक बार फिर झोलाछाप डॉक्टरों जो इलाज के साथ साथ फूंक-झाड़ कर क्षेत्र में अंधविश्वास कों बढ़ावा दें रहें हैँ ऐसे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल भक्त प्रहलाद पैकरा के दो मासूम बेटे, उम्र 4 और 5 साल, गुरुवार शाम सुनसुनीय डबरी में डूब गए थे। हादसे के बाद पिता घबराहट में था, उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। ऐसे में वह बच्चों को सीधे पचपेड़ी या मस्तूरी अस्पताल ले जाने के बजाय गांव में ही बैठे झोलाछाप डॉक्टर के पास ले गया।
कीमती समय हुआ बर्बाद…
ग्रामीणों का आरोप है कि चिल्हाटी में सालों से यह झोलाछाप डॉक्टर इलाज के नाम पर फूंक-झाड़ कर अंधविश्वास को बढ़ावा दे रहा है। जब पहले वाले से बात नहीं बनी तो पिता को दूसरे झोलाछाप के पास भेज दिया गया, उसने भी हाथ खड़े कर दिए। लेकिन इस भागदौड़ में बच्चों को बचाने का जो गोल्डन टाइम था, वो पूरी तरह बर्बाद हो गया।
ग्रामीणों का सवाल – अस्पताल क्यों नहीं भेजा?
ग्रामीणों का सवाल है कि क्या ये झोलाछाप डॉक्टर चाहते तो उस गंभीर हालत में बच्चों को तुरंत पचपेड़ी या मस्तूरी अस्पताल ले जानें की सलाह नहीं दें सकते थे? अगर सही समय पर अस्पताल पहुंच जाते तो क्या दोनों मासूम आज सलामत नहीं होते?
बताया जा रहा है कि इन झोलाछापों ने अपना अंधविश्वास का जाल ऐसा बुन रखा है कि दर्जनों किलोमीटर दूर से लोग इनके पास फूंक-झाड़ कराने आते हैं। भोले-भाले ग्रामीणों को लगातार ठगा जा रहा है।
खुद को बताते हैं CMHO-BMO के करीबी..
सबसे हैरानी की बात यह है कि ये झोलाछाप डॉक्टर खुद को सीएमएचओ और बीएमओ का खास होने का दावा करते हैं। इसी वजह से गांव में खुलेआम बिना डिग्री के क्लीनिक चला रहे हैं। इनका कहना हैँ की ये उच्च अधिकारी के खास हैँ इसलिए ये बेधड़क कई वर्षो से बिना डिग्री के क्लिनिक चला रहें हैँ पऱ आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई अजीब बात हैँ ना अधिकारी आखिर किस बात के लिए इतने वर्षो तक अपना आंख कान बंद कर के रखें हैँ औऱ क्यों,क्या इन झोलाछाप डॉक्टरों नें जो कहा हैँ वो सच है?
स्वास्थ्य विभाग पर सवाल…
आखिर क्यों मस्तूरी और बिलासपुर में बैठे स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी इन झोलाछाप डॉक्टरों को खुली छूट देकर रखे हैं? क्यों इन पर कार्रवाई नहीं होती?
ग्रामीणों ने मांग की है कि इस हृदय विदारक घटना के बाद ही सही, बिलासपुर स्वास्थ्य विभाग जागे और चिल्हाटी में सक्रिय सभी झोलाछाप डॉक्टरों और अंधविश्वास फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करे।




