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छत्तीसगढ़

CG-बर्खास्त ब्रेकिंग : 4 महिला कर्मचारी बर्खास्त, इस वजह से की सेवा समाप्त, देखें आदेश……

जशपुर। दो विभागों में नौकरी कर रही चार महिला कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया गया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। दरअसल चार महिला कर्मचारी एक साथ महिला बाल विकास विभाग के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग में भी काम कर रही थी। इस मामले में चारों महिला कर्मचारी को नोटिस भी जारी किया गया था। विभागीय नियमों के अनुसार एक साथ दो शासकीय/अर्द्धशासकीय पदों पर कार्य करना स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है।

जानकारी के अनुसार, इन चारों महिला कर्मचारियों के खिलाफ पहले जांच की गई थी। जांच में यह तथ्य सामने आया कि ये सहायिकाएं आंगनबाड़ी केंद्रों में पदस्थ रहते हुए समानांतर रूप से मितानिन के कार्य का भी निर्वहन कर रही थीं। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस में स्पष्ट रूप से जवाब मांगा गया था कि क्यों न उनकी सेवा समाप्त की जाए।

हालांकि विभागीय सूत्रों के मुताबिक, नोटिस जारी होने के बावजूद संबंधित सहायिकाओं की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। निर्धारित समय सीमा के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए सेवा समाप्ति का निर्णय लिया।

सेवा समाप्त की गई सहायिकाओं के नाम

परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास परियोजना तपकरा-2 द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिन चार आंगनबाड़ी सहायिकाओं की सेवा समाप्त की गई है, उनके नाम इस प्रकार हैं—

पुतली बाई, आंगनबाड़ी सहायिका, पमशाला गंझू बस्ती

सुखमनी बाई, आंगनबाड़ी सहायिका, पमशाला साहतोली

शांता केरकेट्टा, आंगनबाड़ी सहायिका, पमशाला पुतलितोली

गंगावती बाई, आंगनबाड़ी सहायिका, केरसई घासीमुंडा

ये सभी सहायिकाएं एकीकृत बाल विकास परियोजना तपकरा-2 क्षेत्र के अंतर्गत कार्यरत थीं।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आंगनबाड़ी सहायिका और मितानिन, दोनों ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों वाले पद हैं। इन पदों पर कार्यरत कर्मचारियों से पूर्ण निष्ठा और समय की अपेक्षा की जाती है। एक साथ दो विभागों में कार्य करने से न केवल सेवा की गुणवत्ता प्रभावित होती है, बल्कि शासन के नियमों और अनुशासन की भी अनदेखी होती है।

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