CG- जनपद पंचायत CEO सहित 9 पर FIR, कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने की कार्रवाई, जाने पूरा मामला…..

सरगुजा। छत्तीसगढ़ अंबिकापुर के शासकीय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय केशवपुर में जिला खनिज संस्थान न्यास DMF की राशि में बड़ा घोटाला सामने आया है। इस मामले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंबिकापुर के आदेश पर थाना मणिपुर में अपराध दर्ज किया गया है। कोर्ट के आदेश के परिपालन में थाना मणिपुर पुलिस ने जनपद पंचायत के पूर्व सीईओ सहति 9 लोगों के खिलाफ धारा 409, 420, 467, 468, 471, 201, 120-बी, 34 के तहत एफआईआर दर्ज की है।
इन कार्यों में फर्जीवाड़ा
बता दें, अंबिकापुर निवासी अभय नारायण पाण्डेय ने कोर्ट में परिवाद दायर किया था। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है। दर्ज एफआईआर के अनुसार जिला खनिज संस्थान न्यास मद से विद्यालय परिसर में तीन कार्यों के लिए कुल 1 करोड़ 32 लाख 33 हजार रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी। इसमें गार्डन के सौंदर्यीकरण एवं सीसी रोड के लिए 33 लाख 24 हजार, प्रधान पाठक कक्ष प्रसाधन एवं आहाता निर्माण के लिए 49 लाख 57 हजार तथा प्रवेश द्वार एवं पार्किंग शेड निर्माण के लिए 49 लाख 52 हजार रुपये शामिल थे। आरोप है कि जेम पोर्टल पर फर्जी आईडी बनाकर बिना प्रशासकीय स्वीकृति और बिना नियमानुसार प्रक्रिया का पालन किए फर्जी बिल वाउचर और फर्जी मूल्यांकन प्रतिवेदन तैयार किया गया और 1 अगस्त 2023 को 48 लाख 36 हजार 544 रुपये का भुगतान मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन को आरटीजीएस के माध्यम से कर दिया गया।
जांच समिति ने गड़बड़ी की पुष्टि
कलेक्टर द्वारा गठित जांच दल ने 7 अक्टूबर 2024 को मौके पर जांच की तो निर्माण कार्य नहीं पाया गया और पूरे मामले को फर्जीवाड़ा होना बताया।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ एफआईआर
इस मामले में पुलिस ने तत्कालीन जनपद पंचायत अंबिकापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरेश्वर नाथ तिवारी, विवेक प्रताप सिंह राठौर, उपेन्द्र सिंह सेंगर, शैलेन्द्र मिश्रा, राम प्रकाश यादव, इम्तियाज सिंह, सुयश अग्रवाल, अरविंद कुमार अग्रवाल और मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रेक्टर एंड सप्लायर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। आरोप है कि सभी ने एक राय होकर आपराधिक षडयंत्र रचकर शासकीय राशि का गबन कर आपस में बंदरबांट कर लिया और शासन को क्षति पहुंचाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।



