CG – मानिकचौरी में भब्य आदिवासी दिवस का आयोजन जिला पंचायत अध्यक्ष बतौर मुख्य अतिथि हुए शामिल देश की संस्कृति में आदिवासी समाज का बहुमूल्य योगदान पढ़े पूरी ख़बर
बिलासपुर//मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम मानिकचौरी में शनिवार को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज के चुने हुए जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक हजारों की संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी परंपरा अनुसार पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक नृत्य के साथ हुई।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश नें कहा कि भगवान बिरसा मुंडा, संत टंट्या भील, सिद्धू-कान्हू, रानी दुर्गावती और वीर गुंडा धूर जैसे महान नायकों ने विदेशी शासन व शोषण के खिलाफ अदम्य साहस दिखाया। भारत सरकार द्वारा हर साल 15 नवंबर (भगवान बिरसा मुंडा की जयंती) को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो इस समाज के योगदान को समर्पित है।
आदिवासी समाज भारत का मूल गौरव” – सुनील मरकाम…
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदिवासी समाज के युवा कार्यकारी अध्यक्ष सुनील मरकाम ने कहा कि _”आदिवासी समाज भारत का सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक मूल गौरव है। जल, जंगल और जमीन की रक्षा करने वाला यह समाज अपनी अद्वितीय परंपराओं, स्वतंत्रता संग्राम के साहसी बलिदानों और प्रकृति के प्रति अटूट प्रेम के लिए देश की पहचान का मुख्य आधार है।”_
कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के रुप में पूर्व मंत्री कृष्ण मूर्ति बाँधी मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी मानिकचौरी सरपंच पति रामायण साहू, बहतरा सरपंच पति राकेश पटेल, जलसो सरपंच सलाहकार सुनील मरकाम, रैल्हा सरपंच अरविंद, युवा आदिवासी समाज अध्यक्ष मनोज जगत, दिलेश्वर मरावी, क्षेत्रीय सामाजिक नेता सहित समाज की माता-बहनें बड़ी संख्या में मौजूद रहीं।
कार्यक्रम में आदिवासी समाज के उत्थान, शिक्षा, संस्कृति संरक्षण और जल-जंगल-जमीन के अधिकारों पर चर्चा की गई। अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।




