CG Heat Wave Alert : इंसान ही नहीं बेजुबान जीवों पर भीषण गर्मी का कहर, 150 से अधिक चमगादड़ों की मौत, कल एक बुजुर्ग की हुई थी मौत……

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ती गर्मी अब जानलेवा साबित होने लगी है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने हीट वेव का अलर्ट जारी कर दिया है। पारा 43 डिग्री सेल्सियस को पार कर रहा है। भीषण गर्मी और कहर बरपाती लू के बीच कोरबा-पाली से एक भयावह घटना सामने आई है। लू की चपेट में आने से 150 से ज्यादा चमगादड़ों की मौत हो गई है। बता दें, शनिवार को लू की चपेट में आने से बिलासपुर जिले के मस्तूरी में एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी। पीएम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि भी हो गई है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा-पाली में टेम्परेचर 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। नौकोनिया तालाब के किनारे डेरा जमाए 150 से ज्यादा प्रवासी चमगादड़ों की हीट स्ट्रोक से मौत हो गई है। चमगादड़ मरकर पेड़ों के नीचे गिर रहे हैं। फरवरी मार्च में इस तालाब के किनारे स्थित ऊंचे पेड़ों पर हजारों प्रवासी चमगादड़ आकर डेरा डालते हैं और अपना अस्थाई बसेरा बनाते हैं।
इस वर्ष प्रवासी चमगादड़ों की संख्या सामान्य से अधिक थी। बीते पांच दिनों से भीषण गर्मी के साथ ही लू चल रही है। गर्मी और हीट स्ट्रोक को सहन ना कर पाने के कारण चमगादड़ाें की मौत होना बताया जा रहा है। लू और भीषण गर्मी के असर सब्जी की खेती पर भी देखा जा रहा है। जिन तालाबों में पानी कम है, वह दोपहर के वक्त गर्म हो जा रहा है, अगर मौसम ऐसा ही बना रहा और तालाबों व जलाशयों का जल स्तर कम होते रहा तो मछलियों के लिए यह आने वाला दिन जानलेवा साबित हो सकता है। प्रदेश के अस्पतालों में मरीजों की भीड़ भी बढ़ने लगी है। लू और डिहाइड्रेशन के मरीज लगातार अस्पताल पहुंच रहे हैं।
पशु चिकित्सा विभाग के अफसरों का कहना है, चमगादड़ तकरीबन 38 डिग्री तक का सामान्य शारीरिक तापमान बनाए रखते हैं। गर्मी के मौसम में 40 डिग्री से अधिक तापमान होने पर असहज हो जाते हैं। 42 डिग्री पार होते ही उनके लिए जानलेवा है। वे पेड़ों से गिरकर मरने लगते हैं।
विशेषज्ञों ने कहा, ये सावधानी है जरुरी
धूप में निकलते समय यूवी प्रोटेक्टेड चश्मा पहनें, आंखों को बार-बार हाथ से न रगड़ें, ठंडे पानी से आंखों की सफाई करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं,धूल और प्रदूषण से बचाव करें, बिना डॉक्टर की सलाह आई ड्रॉप का उपयोग न करें, आंखों में लगातार जलन या खुजली हो तो जांच कराएं।



