छत्तीसगढ़

CG High Court ब्रेकिंग : डॉक्टर को 3 साल की कठोर कैद, 10 दिसंबर तक सरेंडर करने हाई कोर्ट ने दिया आदेश, इस वजह से हुई कार्रवाई……

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने महिला को प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में डॉ. संजय प्रकाश को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जस्टिस एनके व्यास की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।

डॉक्टर पहले ही एक साल, दो महीने और 14 दिन जेल में बिता चुके हैं। इस अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश कोर्ट ने दिया है। कोर्ट ने चिकित्सक को शेष सजा भुगतने के लिए 10 दिसंबर 2026 तक ट्रायल कोर्ट के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया है।

पढ़िए क्या है मामला?

मामले में बिलासपुर निवासी आशीष नाथ ने छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में अपील पेश की थी। डॉ. संजय प्रकाश की ओर से सजा कम करने की मांग की गई। आरोपी चिकित्सक के अधिवक्ता ने दलील दी कि डॉक्टर की उम्र करीब 50 वर्ष है और उनके बच्चे चिकित्सा महाविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं पर है। उन्होंने यह भी बताया कि डॉक्टर एक साल, दो महीने और 14 दिन जेल में रह चुके हैं। कानून में न्यूनतम सजा तय नहीं होने का हवाला देते हुए जेल की सजा घटाने और जरूरत पड़ने पर जुर्माना बढ़ाने का आग्रह किया था।

अपीलकर्ता के अधिवक्ता ने सजा कम करने का विरोध करते हुए कहा कि डॉक्टर ने महिला को प्रताड़ित किया, जिसके कारण उसने आत्महत्या कर ली। इसलिए उन्हें अधिकतम सजा दी जानी चाहिए। राज्य शासन ने भी इस दलील का समर्थन किया।

हाई कोर्ट ने अपराध की गंभीरता और इसी घटना से जुड़े भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए के मामले में डॉक्टर की दोषसिद्धि को ध्यान में रखा। उस मामले में उन्हें तीन साल की सजा सुनाई गई थी। कोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध में तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

कोर्ट ने चिकित्सक द्वारा जेल में पहले बिताई गई अवधि को सजा में समोजित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने डॉक्टर को ट्रायल कोर्ट के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया है। इसके लिए 10 दिसंबर तक का समय दिया है।

Related Articles

Back to top button