CG – मस्तूरी के सरसेनी में नियमों कों ताक में रख कर चलाया जा रहा फ्लाई एस ब्रिक्स संचालक के दबंगई के आगे पंचायत भी मौन पढ़े पूरी ख़बर
बिलासपुर//जिले के मस्तूरी तहसील के अंतर्गत आने वाले गाँव सरसेनी में बिना पंचायत से NOC लिए हीं इट भठ्ठे (ब्रिक्स ) का संचालन किया जा रहा है जहाँ ग्रामीण सफ़ेद डस्ट से भी परेशान है बताया जाता है की इनका उद्योग गांव से लगा हुआ है और तूफान या हवा तेज आने पर सफ़ेद डस्ट घरों में उड़ उड़ घुसता है ऊपर से नियमों कों ताक पर रख कर संचालक यहाँ दबंगई के साथ सफ़ेद इट भठ्ठे का संचालन कर रहा है इस पुरे मामले में हमने संचालक से बात भी किया तो उसने बाकी सभी की तो नहीं पर पंचायत से (NOC) नॉन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट होनें की बात कही है वही सरपंच पति नें कहा है की संचालक लम्बे समय से उनके गांव में सफ़ेद इट भठ्ठे का संचालन कर रहा है पर पंचायत से उसको (NOC) नहीं दिया गया है बात जरूर हुई थी पर अब तक जारी नहीं हुआ है। गाँव वाले अब यहाँ जाँच की मांग कर रहें है और सभी दस्तांवेज सहीं पाए जानें पर हीं संचालल की अनुमति देनें की बात कह रहें है देखना होगा कब तक यहाँ अधिकारी पहुंचते है और कब यहाँ जाँच होती है।
चलिए जानते है इसके संचालन के लिए क्या क्या नियम है..
ईंट भट्ठा खोलने के लिए सबसे पहले उद्योग आधार (MSME) पंजीकरण, ज़मीन के दस्तावेज़, और राज्य के पर्यावरण बोर्ड से (प्रदूषण अनापत्ति) लेनी होती है। इसके पंचायत से ट्रेड लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है प्रदूषण और सुरक्षा कारणों से भट्ठा आवासीय और सार्वजनिक स्थानों से दूर होना चाहिए -आवासीय क्षेत्र रिहायशी इलाकों और स्कूलों से भट्ठे की न्यूनतम दूरी कम से कम 500 से 800 मीटर होनी चाहिए। सड़क और रेलवे राष्ट्रीय राजमार्ग से 300 मीटर, राज्य राजमार्ग से 200 मीटर और रेलवे लाइन से 200 मीटर दूर होना चाहिए। पेड़ और पानी 25 से अधिक पेड़ों वाले बगीचे से 800 मीटर और नदी या जल-स्त्रोतों से कम से कम 500 मीटर की दूरी अनिवार्य है आवश्यक लाइसेंस और अनापत्ति पर्यावरण और प्रदूषण अनापत्ति राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से ‘कंसेंट टू एस्टेब्लिश’और बाद में संचालन के लिए ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ लेना आवश्यक है स्थानीय पंचायत, नगर पालिका या नगर निगम से व्यापार लाइसेंस फ्लाई ऐश का।




