CG:कोबिया के बाद मोहरेंगा में भी कोटवारी/सेवा भूमि में हेरफेर का आरोप…पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने कलेक्टर को सौंपा पत्र, जांच और कार्रवाई की मांग
आशीष छाबड़ा जिलाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी व पूर्व विधायक बेमेतरा

संजू जैन जिला संवाददाता बेमेतरा
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बेमेतरा: कोबिया के बाद अब ग्राम मोहरेंगा में भी कोटवारी एवं सेवा भूमि के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और निजी व्यक्तियों के नाम भूमि दर्ज कराए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर बेमेतरा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने जिला कलेक्टर को पत्र सौंपकर जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है
पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा का आरोप है कि ग्राम कोबिया में पदस्थ होने से पहले संबंधित पटवारी ग्राम मोहरेंगा में पदस्थ था। उनके मुताबिक, मोहरेंगा में भी कोटवारी/सेवा भूमि को कथित तौर पर निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज किए जाने और बाद में उक्त भूमि के विक्रय की शिकायतें सामने आई हैं।
छाबड़ा ने अपने पत्र में ग्राम कोबिया का भी उल्लेख किया है। उनका कहना है कि वहां करोड़ों रुपये की कोटवारी/सेवा भूमि को कथित रूप से बिना किसी अधिकृत आदेश के निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है। उन्होंने दावा किया कि सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों, नक्शा और नकल की जांच से संबंधित रिकॉर्ड में पटवारी के हस्ताक्षर दिखाई देते हैं।कई शासकीय भूमियों के रिकॉर्ड में बदलाव का दावापूर्व विधायक ने कहा कि उन्हें आम लोगों से शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें पूर्व में भी कई शासकीय भूमियों को निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज किए जाने की बात कही गई है। उनका आरोप है कि रिकॉर्ड में हुए ऐसे बदलावों के बाद कुछ भूमि का विक्रय भी हो चुका है।छाबड़ा ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर कोटवारी/सेवा भूमि सहित अन्य शासकीय भूमि के रिकॉर्ड की जांच कराने तथा यदि अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
*कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी*
आशीष छाबड़ा ने कहा कि कांग्रेस की ओर से लगातार जिला प्रशासन को ज्ञापन और पत्र सौंपकर शासकीय भूमि से जुड़े मामलों की जांच की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि यदि इन मामलों में कार्रवाई नहीं होती और संबंधित अधिकारियों- कर्मचारियों को संरक्षण देने का प्रयास किया जाता है, तो कांग्रेस आने वाले समय में आंदोलन करेगी।उन्होंने कहा कि शासकीय भूमि सार्वजनिक संपत्ति है और उसका उपयोग आम जनता के हित में होना चाहिए। कांग्रेस शासकीय भूमि से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पटवारी या प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




