CG – कुटेशर नगोई सरपंच-सचिव ने सीसी रोड की राशि डकारी नोटिस जारी गमन की राशि ना लौटने पऱ सख्त कार्रवाई की चेतावनी पढ़े पूरी ख़बर
0 एक नही कई कामों में लाखों का घोटाला, पंचायत का बंटाधार।
कोरबा//जिले के पोड़ी उपरोड़ा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत कुटेशर नगोई के विकास की राशि को सरपंच और सचिव ने मिलकर किस तरह अपने विकास का जरिया बना लिया है, इसका खुलासा हुआ है। जहां जनपद पंचायत ने इस पंचायत के गंभीर अनियमितता को संज्ञान में लेते हुए तत्कालीन सरपंच के कार्यकाल में हुए भ्रष्ट्राचार पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
कार्यालय जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा द्वारा सरपंच, सचिव को जारी पत्र क्रमांक- 2213/ पं./ 2026, दिनांक 02.09.2026 में स्पष्ट उल्लेख है कि ग्राम पंचायत कुटेशर नगोई के बरतराई मोहल्ला में सरोज घर से पुलिया तक 2.55 मीटर सीसी रोड निर्माण कार्य के लिए वर्ष 2019- 20 में 5.20 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति मिली थी। जिसकी प्रथम किश्त राशि 2 लाख रुपए तत्कालीन सरपंच श्रीमती अनिता ओड़े ने आहरित कर ली, लेकिन आज पर्यन्त तक मौके पर निर्माण कार्य नही कराया गया।
मामले में सचिव जयरतन कंवर की मिलीभगत से राशि का गबन सामने आया है। जनपद पंचायत ने उक्त कृत्य को वित्तीय अनियमितता, भ्रष्ट्राचार एवं शासकीय राशि का गबन मानते हुए नोटिस जारी कर आहरित राशि को समय- सीमा में जमा करने के निर्देश दिए हैं। समय पर राशि जमा न करने पर पंचायत राज अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। बता दें कि गत 2019- 20 में कुटेशर नगोई पंचायत से बरतराई विलग होकर नवीन पंचायत के अस्तित्व में आया।
तब कुटेशर नगोई सरपंच चंद्रपाल सिंह थे और इनके ही कार्यकाल में उक्त सीसी रोड निर्माण स्वीकृत हुआ था। परिसीमन के तहत जिसकी राशि नियमानुसार नवीन पंचायत बरतराई को हस्तांतरित किया जाना था। लेकिन 2020- 21 के पंचायत चुनाव में अनिता ओड़े कुटेशर नगोई से सरपंच निर्वाचित हुई और उन्होंने सचिव के साथ मिलकर प्रथम किश्त की राशि आहरण कर डकार ली।
तत्कालीन पत्नी व वर्तमान पति सरपंच कार्यकाल में मनमाने भ्रष्ट्राचार
ग्रामीणों के अनुसार यह तो एक बानगी है, तत्कालीन सरपंच श्रीमती अनिता ओड़े और वर्तमान सरपंच एवं तत्कालीन सरपंच पति नंदकिशोर ओड़े द्वारा सचिव जयरतन कंवर के सांठगांठ से पंचायत में अनियमितताओं की लंबी फेहरिस्त है, जिसमे 8 माह पूर्व बस्ती में नाली निर्माण के लिए 2 लाख रुपए का आहरण किया गया, पर मौके पर नाली नही बना।
गत वर्ष मरकाम तालाब में पचरी निर्माण के लिए मनरेगा के 1.75 लाख रुपए निकालकर गबन कर दिया गया। प्राथमिक शाला परिसर में बाउंड्रीवाल निर्माण के 3.75 लाख रुपए आहरण कर काम अधूरा छोड़ दिया गया। स्कूल में फर्श टाइल्स लगाने 1 लाख से अधिक की राशि निकाल काम नही कराया। बीते पंचवर्षीय कार्यकाल में स्वीकृत पीडीएस भवन निर्माण के 4.50 लाख रुपए आहरित कर काम नीव स्तर पर ही छोड़ दिया गया तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत सामुदायिक शौचालय निर्माण के प्रथम किश्त लाखों की राशि निकाल निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि तत्कालीन सरपंच पत्नी और वर्तमान सरपंच पति ने अपने- अपने कार्यकाल में पंचायत का बंटाधार कर दिया और ग्राम विकास की राशि से खुद के विकास को प्राथमिकता दी है। ऐसे में मामला सिर्फ सीसी रोड का नही, बल्कि पंचायत में हुए सुनियोजित भ्रष्ट्राचार का है। आवश्यक है कि कुटेशर नगोई पंचायत में पिछले पंचवर्षीय कार्यकाल से लेकर अब तक के समस्त निर्माण कार्यों की भौतिक जांच कराई जाए, पंचायत में हुए गड़बड़- घोटाले खुलकर सामने आएंगे।




