CG – चलती ट्रेन बनी डिलीवरी रूम : चलती ट्रेन में बेटे के जन्म के साथ गूंजी किलकारी, मां-नवजात दोनों स्वस्थ…..

राजनांदगांव। चलती ट्रेन में अचानक प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला के लिए रेलवे सुरक्षा बल देवदूत बनकर सामने आया। सिकंदराबाद एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 12771) सफर के दौरान एक मां ने चलती ट्रेन में पुत्र को जन्म दिया है। मानवीय संवेदनाओं और समय पर मिली मदद के चलते मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं। डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने तत्परता दिखाते हुए जच्चा-बच्चा को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया, जहां दोनों की हालत स्वस्थ बताई गई है।
जीआरपी थाना प्रभारी दया कुर्रे ने बताया कि सिकंदराबाद एक्सप्रेस के जनरल कोच में महिला यात्री के प्रसव की सूचना मिली। सूचना मिलते ही जीआरपी एवं आरपीएफ के जवान स्टेशन पर पहुंचे और महिला भारती नट (21 वर्ष), पति जितेंद्र नट, निवासी कवर्धा तथा नवजात शिशु को सुरक्षित उतारकर अस्पताल पहुंचाया। वही पुरे मामले में महिला के पति जितेंद्र नट ने भावुक होकर बताया कि उनकी पत्नी की डिलीवरी में अभी करीब 15 दिन का समय शेष था। दोनों अपने घर कवर्धा लौट रहे थे। नागपुर के पास अचानक पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उन्होंने अगले स्टेशन गोंदिया में रेलवे अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन तब तक ट्रेन गोंदिया स्टेशन से रवाना हो चुकी थी।
जितेंद्र ने बताया कि ऐसे कठिन समय में ट्रेन में सफर कर रही दो महिला यात्रियों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए उनकी पत्नी की प्रसव में मदद की, जिससे चलती ट्रेन में ही पुत्र का सुरक्षित जन्म हुआ। इसके बाद उन्हीं महिला यात्रियों ने रेलवे अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही डोंगरगढ़ स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की टीम पूरी तैयारी के साथ मौजूद रही और जच्चा-बच्चा को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार शुरू कराया।
जितेंद्र ने बताया कि मदद की आस में उसकी ट्रेन गोंदिया में छूट चुकी थी और बाद में वें दूसरी ट्रेन से डोंगरगढ़ पहुंचे। उन्होंने महिला यात्रियों, जीआरपी, आरपीएफ और अस्पताल के चिकित्सकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली मदद की बदौलत आज उनकी पत्नी और नवजात पुत्र दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।



